मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कस्बे के मौरावां मोड़ पर पुलिस द्वारा लगाई गई बैरिकेडिंग अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी का कारण बन गई है। सड़क के बीचों-बीच रखे गए डिवाइडर और बैरिकेडिंग के चलते क्षेत्र में लगातार जाम की स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनता, राहगीर और खासकर स्थानीय व्यापारी काफी प्रभावित हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र का प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां से प्रतिदिन हजारों वाहनों का आवागमन होता है। इसके बावजूद यहां की गई बैरिकेडिंग ने यातायात व्यवस्था को बाधित कर दिया है। हालात ऐसे हैं कि लोगों को रोजाना लंबे समय तक जाम में फंसे रहना पड़ता है, जिससे समय और ईंधन दोनों की बर्बादी हो रही है।
व्यापारियों में इसको लेकर खासा आक्रोश देखने को मिल रहा है। उनका कहना है कि कई बार पुलिस और प्रशासन से बैरिकेडिंग हटाने की मांग की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। व्यापारियों के अनुसार, डिवाइडर के कारण ग्राहक सीधे दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनके कारोबार पर बुरा असर पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापारी उत्तम सिंह ने बताया कि पहले ग्राहक आसानी से दुकान तक पहुंच जाते थे, लेकिन अब लंबा चक्कर लगाने की वजह से कई ग्राहक वापस लौट जाते हैं, जिससे उनकी रोजी-रोटी प्रभावित हो रही है।
इस मुद्दे को लेकर अब विरोध तेज हो गया है। भारतीय किसान क्रान्ति यूनियन ने भी व्यापारियों के समर्थन में आवाज उठाई है। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष एडवोकेट ऋषि मिश्रा ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया तो आंदोलन किया जाएगा। उनका कहना है कि यह सिर्फ व्यापारियों का नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र की जनता का मुद्दा है।
सोशल मीडिया पर भी यह मामला तेजी से वायरल हो रहा है, जहां लोग वीडियो और पोस्ट के जरिए अपनी नाराजगी जाहिर कर रहे हैं।
वहीं, बढ़ते जनदबाव के बीच प्रशासन ने भी सक्रियता दिखाई है। एडीसीपी वसंत कुमार रालापल्ली ने कहा कि प्रशासन जनता और व्यापारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले रहा है। जल्द ही संबंधित अधिकारियों, व्यापारियों और स्थानीय नागरिकों के साथ बैठक आयोजित की जाएगी, जिसमें सभी पक्षों की राय लेकर स्थायी समाधान निकाला जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है और ऐसा समाधान सुनिश्चित किया जाएगा, जिससे सुरक्षा और सुगमता दोनों बनी रहें।
फिलहाल, क्षेत्र के लोगों और व्यापारियों की नजरें प्रशासन की आगामी बैठक पर टिकी हैं, जहां से इस समस्या के समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
