लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) से जुड़े कथित धर्मांतरण और उत्पीड़न मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। हालांकि, इस बहुचर्चित मामले का मुख्य आरोपी डॉक्टर रमीजुद्दीन अब भी पुलिस की पकड़ से बाहर है।
माता-पिता पर क्या है आरोप?
पुलिस के अनुसार, आरोपी डॉक्टर के माता-पिता पर जांच में सहयोग न करने, साक्ष्य छिपाने और आरोपी को फरार होने में मदद करने जैसे आरोप लगाए गए हैं। दोनों को लखनऊ से गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
क्या है पूरा मामला?
KGMU में तैनात जूनियर रेजिडेंट डॉक्टर रमीजुद्दीन पर आरोप है कि उसने एक महिला डॉक्टर को प्रेमजाल में फंसाकर शादी का झांसा दिया और बाद में उस पर धर्म परिवर्तन का दबाव बनाया। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि मानसिक प्रताड़ना से परेशान होकर उसने आत्महत्या करने का प्रयास भी किया था।
मामला सामने आने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज की। इसके साथ ही धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत भी कार्रवाई की जा रही है।
आरोपी डॉक्टर अब भी फरार
पुलिस ने डॉक्टर रमीजुद्दीन के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी कर रखा है। उसकी गिरफ्तारी के लिए कई टीमें लगाई गई हैं और संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। आरोपी की सूचना देने वाले पर इनाम घोषित किए जाने की भी चर्चा है।
प्रशासन और राजनीति में हलचल
मामले के तूल पकड़ने के बाद KGMU प्रशासन और राज्य महिला आयोग ने भी कड़ा रुख अपनाया है। महिला आयोग ने पीड़िता को न्याय दिलाने का भरोसा दिया है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
जांच जारी
फिलहाल पुलिस मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच निष्पक्ष रूप से की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के तहत सख्त कार्रवाई होगी।
