मथुरा। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने सोमवार को उत्तर प्रदेश के मथुरा में आयोजित बैठक के दौरान हिंदू एकता, सामाजिक सौहार्द, आत्मनिर्भरता और पारिवारिक मूल्यों को सशक्त बनाने पर विशेष रूप से बल दिया। इस अवसर पर उन्होंने संघ के महत्वाकांक्षी ‘पंच परिवर्तन’ सूत्र को ज़मीन पर उतारने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक
मोहन भागवत रविवार को मथुरा पहुंचे, जहां वे केशव धाम में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में भाग ले रहे हैं। बैठक के दौरान संघ पदाधिकारियों को विभिन्न समूहों में विभाजित कर क्षेत्रीय चुनौतियों और संगठनात्मक उद्देश्यों पर व्यापक मंथन कराया गया। बैठक के बाद सरसंघचालक सात दिन वृंदावन में प्रवास करेंगे, जहां वे धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों में भाग लेंगे।
पंच परिवर्तन पर विशेष फोकस
बैठक में संघ के ‘पंच परिवर्तन’ सूत्र को लागू करने को लेकर रणनीति बनाई गई। गौरतलब है कि इस सूत्र को पिछले वर्ष विजयादशमी पर आयोजित RSS के शताब्दी समारोह के दौरान औपचारिक रूप से अपनाने का निर्णय लिया गया था। इसका उद्देश्य समाज में सकारात्मक परिवर्तन और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में ठोस पहल करना है।
संवेदनशील मुद्दों पर नहीं हुई गहन चर्चा
सूत्रों के अनुसार, बैठक में कई अहम विषयों पर चर्चा हुई, लेकिन फिलहाल ‘लव जिहाद’ और बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा जैसे संवेदनशील मुद्दों पर कोई विस्तृत चर्चा नहीं की गई। संगठन से जुड़े पदाधिकारियों का कहना है कि इस समय संघ का मुख्य फोकस सामाजिक समरसता और संगठनात्मक मजबूती पर केंद्रित है।
वृंदावन में धार्मिक कार्यक्रमों में सहभागिता
शनिवार सुबह मोहन भागवत वृंदावन स्थित चंद्रोदया मंदिर का निरीक्षण करेंगे। निर्माणाधीन यह मंदिर पूर्ण होने के बाद दुनिया का सबसे ऊंचा मंदिर माना जाएगा। इसके बाद वे संत सुदामा दास जी के वृंदावन आगमन की 100वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित समारोह का उद्घाटन करेंगे।
सुदामा कुटी आश्रम प्रशासन के अनुसार, इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी आमंत्रित किया गया है।
समाज और संगठन के लिए अहम बैठक
इस बैठक में हिंदू समाज की एकता, सामाजिक सौहार्द और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने पर व्यापक मंथन किया गया, जिसे वर्तमान सामाजिक-राजनीतिक परिवेश में अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
