लखनऊ। नए साल की शुरुआत के साथ समाजवादी पार्टी ने अपने सियासी संदेश को और धार देते हुए PDA पंचांग 2026 जारी किया है। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को इस पंचांग का विमोचन करते हुए इसे सामाजिक न्याय और समावेशी राजनीति का दस्तावेज बताया।
PDA का संदेश क्या है?
PDA पंचांग में पिछड़ा (P), दलित (D) और अल्पसंख्यक (A) वर्गों की एकता, अधिकारों और सम्मान को केंद्र में रखा गया है। अखिलेश यादव ने कहा कि PDA कोई नारा नहीं, बल्कि समाजवादी आंदोलन की विचारधारा और भविष्य की दिशा है। उन्होंने कहा, “नया साल नए संकल्पों का समय होता है। PDA पंचांग 2026 उन करोड़ों लोगों की आवाज़ है, जिन्हें आज भी बराबरी और न्याय के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है।”
पंचांग में क्या-क्या है खास?
समाजवादी पार्टी के अनुसार, PDA पंचांग 2026 में
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सामाजिक न्याय से जुड़े ऐतिहासिक दिनों का उल्लेख
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महापुरुषों और समाज सुधारकों के योगदान को प्रमुखता
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संविधान, आरक्षण और लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित संदेश
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महंगाई, बेरोजगारी और किसानों की समस्याओं पर फोकस
को विशेष रूप से शामिल किया गया है।
राजनीतिक संदेश भी साफ
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि PDA पंचांग 2026 के जरिए अखिलेश यादव ने आगामी चुनावी रणनीति का संकेत दे दिया है। यह पहल PDA वर्गों को एकजुट करने और भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ वैकल्पिक राजनीतिक नैरेटिव पेश करने की कोशिश के रूप में देखी जा रही है।
कार्यकर्ताओं में उत्साह
PDA पंचांग के जारी होते ही समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं और समर्थकों में उत्साह देखने को मिला। पार्टी नेताओं का कहना है कि यह पंचांग गांव-गांव और बूथ-बूथ तक पहुंचाया जाएगा, ताकि समाजवादी पार्टी का संदेश आम जनता तक पहुंचे।
नए साल में नई राजनीति का दावा
अखिलेश यादव ने भरोसा जताया कि वर्ष 2026 सामाजिक बदलाव और राजनीतिक चेतना का साल बनेगा। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी PDA के साथ मिलकर संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
