लखनऊ। राजधानी लखनऊ में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में लोकभवन में राज्य मंत्रिमंडल की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन, उद्योग, परिवहन, उच्च शिक्षा, चिकित्सा, खेल और आवास सहित विभिन्न विभागों से जुड़े कुल 13 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन फैसलों को राज्य में विकास, निवेश और प्रशासनिक सुधार की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड अब ₹5,000 में
बैठक के बाद प्रेस वार्ता में स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन मंत्री रविंद्र जायसवाल ने जानकारी दी कि अब औद्योगिक और व्यावसायिक संपत्तियों की गिफ्ट डीड भी मात्र ₹5,000 के स्टांप शुल्क पर पंजीकृत की जा सकेगी। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 से यह सुविधा आवासीय और कृषि भूमि के लिए लागू थी, जिसे अब व्यावसायिक और औद्योगिक संपत्तियों तक बढ़ा दिया गया है। इससे पहले शहरी क्षेत्रों में 7 प्रतिशत और ग्रामीण क्षेत्रों में 5 प्रतिशत स्टांप शुल्क लिया जाता था। इसके अलावा, कुशीनगर और झांसी में नए रजिस्ट्री कार्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को भी कैबिनेट की मंजूरी मिल गई है।
JS विश्वविद्यालय की मान्यता समाप्त
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि कैबिनेट ने जेएस विश्वविद्यालय, शिकोहाबाद की मान्यता समाप्त करने के प्रस्ताव को स्वीकृति दे दी है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 2011 में स्थापित इस निजी विश्वविद्यालय पर फर्जी मार्कशीट जारी करने के गंभीर आरोप सामने आए थे। जांच के दौरान कुलपति और कुलसचिव की गिरफ्तारी भी हुई। विस्तृत जांच के बाद विश्वविद्यालय की मान्यता रद्द कर परिसमापन की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। वहीं, कैबिनेट ने मेरठ स्थित आईआईएमटी विश्वविद्यालय को नोएडा में ऑफ-कैंपस संचालित करने के लिए संचालन प्राधिकार पत्र (LoA) देने को भी मंजूरी दी है।
उद्योग और निवेश को लेकर बड़े फैसले
वित्त एवं उद्योग मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि कैबिनेट ने ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर (GCC) के लिए तैयार की गई नई गाइडलाइन को मंजूरी दे दी है।
इसके साथ ही, जनवरी 2024 में लागू सेमीकंडक्टर नीति के तहत ₹3000 करोड़ या उससे अधिक निवेश करने वाली इकाइयों को केस-टू-केस आधार पर सब्सिडी और विभिन्न रियायतें प्रदान की जाएंगी।
पीलीभीत में बनेगा नया बस अड्डा
परिवहन विभाग से जुड़े प्रस्ताव के तहत पीलीभीत में नए बस अड्डे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई है। यह बस अड्डा मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर कनेक्ट रोड पर बनाया जाएगा। करीब 7000 वर्ग मीटर भूमि 30 वर्षों की लीज पर दी जाएगी, जिसे आगे दो बार 30-30 वर्षों के लिए बढ़ाया जा सकेगा। सरकार का लक्ष्य अगले दो वर्षों में बस स्टेशन का निर्माण पूरा करने का है।
विकास और निवेश को गति देने की दिशा में कदम
योगी कैबिनेट के ये फैसले प्रदेश में निवेश को प्रोत्साहन, प्रशासनिक सरलता और बुनियादी ढांचे के विकास को मजबूती देने वाले माने जा रहे हैं। सरकार का दावा है कि इन निर्णयों से प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार के अवसरों को नई गति मिलेगी।
