नई दिल्ली। भारतीय खेल जगत के लिए शर्मनाक खबर सामने आई है। राष्ट्रीय पिस्टल कोच अंकुश भारद्वाज पर 17 वर्षीय राष्ट्रीय स्तर की महिला निशानेबाज के यौन शोषण का गंभीर आरोप लगा है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने POCSO एक्ट के तहत केस दर्ज किया है, जबकि भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने तत्काल प्रभाव से कोच को निलंबित कर दिया है।
POCSO के तहत दर्ज हुआ मामला
सूत्रों के मुताबिक, नाबालिग खिलाड़ी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। चूंकि पीड़िता की उम्र 18 वर्ष से कम है, इसलिए मामला प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रन फ्रॉम सेक्सुअल ऑफेन्सेस एक्ट (POCSO) के तहत दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की गहराई से जांच की जा रही है।
NRAI का सख्त रुख
भारतीय राष्ट्रीय राइफल संघ (NRAI) ने बयान जारी कर कहा है कि “खिलाड़ियों की सुरक्षा और गरिमा सर्वोपरि है। आरोप गंभीर हैं, इसलिए जांच पूरी होने तक आरोपी कोच को निलंबित किया गया है।” संघ ने यह भी स्पष्ट किया है कि जांच में सहयोग किया जाएगा और दोषी पाए जाने पर कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।
खेल संस्थानों की भूमिका पर सवाल
इस मामले ने एक बार फिर खेल जगत में कोच और खिलाड़ियों के बीच शक्ति संतुलन, निगरानी तंत्र और खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। खासकर नाबालिग खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर मौजूदा व्यवस्था पर बहस तेज हो गई है।
आगे क्या?
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पुलिस की जांच जारी
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बयान और सबूत जुटाए जा रहे
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कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई संभव
यह मामला न सिर्फ खेल जगत बल्कि समाज के लिए भी एक चेतावनी है कि प्रतिभा निखारने वाले मंचों को हर हाल में सुरक्षित स्थान बनाया जाना चाहिए।
