Akhilesh Yadav: बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अभिभाषण पर प्रतिक्रिया देते हुए समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने मेट्रो परियोजनाओं को लेकर सरकार के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि वास्तविकता सरकार के बयानों से मेल नहीं खाती।
अखिलेश यादव ने कहा कि सरकार राष्ट्रपति से यह कहलवाती है कि देश में दुनिया का सबसे तेज मेट्रो विस्तार हो रहा है, लेकिन प्रधानमंत्री अपने ही संसदीय क्षेत्र में मेट्रो नहीं बनवा पा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि नोएडा से ग्रेटर नोएडा और दिल्ली-नोएडा को जोड़ने वाली मेट्रो समाजवादी पार्टी सरकार की देन है और मौजूदा सरकार यह बताए कि उसने कौन सी नई मेट्रो लाइन बिछाई है।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर कटाक्ष करते हुए सपा अध्यक्ष ने कहा कि लखनऊ के मुख्यमंत्री “सड़क वाली मेट्रो” नहीं बल्कि “पानी वाली मेट्रो” बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में मेट्रो परियोजना को आगे नहीं बढ़ने दिया जा रहा है, जबकि समाजवादी पार्टी की सरकार ने वहां मेट्रो के लिए डीपीआर और बजट तक तैयार कर दिया था। अखिलेश यादव ने यह भी कहा कि उत्तर प्रदेश पहले से ही बजट के लिए केंद्र सरकार पर निर्भर है और अब अगर बजट में कटौती होगी तो प्रदेश का विकास कैसे होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि इससे गरीबों को रोजगार कैसे मिलेगा।
इसके साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार के दावों पर निशाना साधते हुए कहा कि सरकार लगातार कृषि उत्पादन और किसानों की आय को लेकर बड़े-बड़े दावे कर रही है, लेकिन यह स्पष्ट करे कि क्या वास्तव में किसानों की आय दोगुनी हुई है। सपा अध्यक्ष ने कहा कि ज़मीनी हकीकत सरकार के दावों से अलग है और आम जनता इससे परेशान है। अखिलेश यादव के इस बयान के बाद बजट सत्र के दौरान राजनीतिक बयानबाजी और तेज हो गई है।
