Lucknow: उत्तर प्रदेश सरकार ने बजट सत्र और बजट पेश करने की तारीख तय कर दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट 11 फरवरी को उत्तर प्रदेश विधानसभा में पेश करेगी। इससे पहले विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा। इसकी जानकारी प्रदेश के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना ने कैबिनेट बैठक के बाद मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि बजट सत्र की शुरुआत राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के अभिभाषण से होगी। वहीं, 10 फरवरी को दिवंगत विधायकों को श्रद्धांजलि अर्पित की जाएगी।
चुनाव से पहले बजट पर सबकी नजर:-
उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में विधानसभा चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में इस बजट को राजनीतिक और सामाजिक दोनों नजरिए से बेहद अहम माना जा रहा है। माना जा रहा है कि सरकार इस बार आम जनता, युवाओं और किसानों को ध्यान में रखते हुए कुछ बड़े ऐलान कर सकती है।
शिक्षा और रोजगार पर रह सकता है फोकस:-
सूत्रों के अनुसार, आगामी बजट में शिक्षा और रोजगार को प्राथमिकता दी जा सकती है। खासकर युवा वर्ग सरकार की नीतियों पर नजर बनाए हुए है। पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने शिक्षा के लिए एक लाख करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया था और हजारों सरकारी नौकरियों के सृजन की घोषणा की थी। इस बार भी इन क्षेत्रों में नए प्रस्ताव सामने आ सकते हैं।
अब तक का सबसे बड़ा बजट संभव:-
पिछले वित्तीय वर्ष 2025–26 में योगी सरकार ने 8.08 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किया था, जो उससे पहले की तुलना में लगभग 10 प्रतिशत अधिक था। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार बजट का आकार और भी बड़ा हो सकता है, जिसमें बुनियादी ढांचा, स्वास्थ्य, कृषि और तकनीकी विकास पर विशेष ध्यान दिया जा सकता है।
जनता को बड़ी सौगात की उम्मीद:-
चुनावी साल नजदीक होने के कारण प्रदेश की जनता को इस बजट से कई उम्मीदें हैं। खासतौर पर रोजगार, महंगाई से राहत और विकास योजनाओं को लेकर सरकार से बड़े फैसलों की अपेक्षा की जा रही है। अब सबकी निगाहें 11 फरवरी पर टिकी हैं, जब योगी सरकार अपना अगला बजट पेश करेगी और यह साफ होगा कि 2027 के चुनावी मैदान से पहले जनता को क्या संदेश दिया जाता है।
