Lok Sabha 2026: संसद के बजट सत्र के दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। एक ओर कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी चीन सीमा विवाद को लेकर सरकार पर लगातार सवाल उठा रहे हैं, तो दूसरी ओर सरकार भी इन आरोपों का जवाब देने में आक्रामक नजर आ रही है।
इसी क्रम में भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते का मुद्दा भी राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है। विपक्ष ने इस समझौते को लेकर सरकार की मंशा पर सवाल खड़े किए हैं। एक दिन पहले केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने इस विषय पर प्रेस कॉन्फ्रेंस कर सरकार का पक्ष रखा था, जबकि मंगलवार को उन्होंने लोकसभा में भी इस मुद्दे पर अपनी बात रखने की कोशिश की।
पीयूष गोयल के भाषण के दौरान हंगामा
लोकसभा में पीयूष गोयल के संबोधन के दौरान विपक्षी सांसदों ने जोरदार विरोध शुरू कर दिया। सांसदों ने टेबल थपथपाकर और नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी को बोलने का मौका देने की मांग की। कुछ सांसद वेल में भी पहुंच गए और पोस्टर लहराकर प्रदर्शन करने लगे, जिससे सदन का माहौल और ज्यादा तनावपूर्ण हो गया।
स्पीकर ओम बिरला ने जताई नाराज़गी
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने विपक्षी सांसदों को कड़ी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि वरिष्ठ नेताओं से इस तरह के आचरण की अपेक्षा नहीं की जाती। स्पीकर ने साफ शब्दों में कहा कि सदन की मर्यादा और गरिमा का उल्लंघन स्वीकार्य नहीं है और हंगामे के जरिए सरकार को झुकाने की कोशिश ठीक नहीं है।
विरोध का तरीका होना चाहिए मर्यादित
लगातार नारेबाजी के बीच ओम बिरला ने कहा कि विरोध करने का एक तरीका होता है। असहमति तर्क और शब्दों के जरिए व्यक्त की जानी चाहिए, न कि नारेबाजी और पोस्टर लहराकर। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर संसद की गरिमा को ठेस पहुंचती रही, तो आम जनता का लोकतंत्र से विश्वास उठ सकता है। स्पीकर ने यह भी कहा कि सांसदों का सीट छोड़कर वेल में आना नियमों का उल्लंघन है और इससे सदन की कार्यवाही प्रभावित होती है। उन्होंने सभी सदस्यों से अपील की कि वे लोकतांत्रिक परंपराओं का पालन करें और अपनी बात नियमों के तहत रखें।
सत्र में आगे भी जारी रह सकता है टकराव
चीन सीमा विवाद और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते जैसे संवेदनशील मुद्दों पर सत्ता और विपक्ष के रुख को देखते हुए माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में भी संसद के बजट सत्र में राजनीतिक टकराव जारी रह सकता है।
