India_US Trade Deal: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। बजट सत्र के दौरान बोलते हुए उन्होंने दावा किया कि भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी टैरिफ में कई गुना वृद्धि हुई है और इसे सरकार की कमजोर बातचीत का परिणाम बताया।
राहुल गांधी ने कहा कि पहले भारत पर अमेरिका का आयात शुल्क करीब तीन प्रतिशत था, जो अब बढ़कर 18 प्रतिशत तक पहुंच गया है। उनके मुताबिक यह छह गुना बढ़ोतरी है, जो देश के निर्यात हितों के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस समझौते को उपलब्धि बताने की कोशिश कर रही है, जबकि वास्तविकता में इससे भारतीय उद्योग और किसानों पर दबाव बढ़ेगा।
हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए समझौते के तहत अमेरिका ने कुछ प्रस्तावित शुल्कों में कटौती की है। अमेरिकी प्रशासन ने भारत पर लगाए जाने वाले पारस्परिक शुल्क को 25 प्रतिशत से घटाकर 18 प्रतिशत किया है और रूसी तेल खरीद से जुड़े अतिरिक्त शुल्क को भी हटाया है। हालांकि विपक्ष का कहना है कि कुल प्रभाव अब भी भारत के हित में नहीं है।
राहुल गांधी ने कहा कि अगर उनकी गठबंधन सरकार बातचीत करती तो वह इसे अलग तरीके से रखती। उन्होंने भारतीय डेटा को एक महत्वपूर्ण रणनीतिक संपत्ति बताते हुए कहा कि इसे बातचीत में प्रभावी रूप से इस्तेमाल किया जा सकता था। उनके अनुसार, अमेरिका के साथ वार्ता में बराबरी का रुख अपनाया जाना चाहिए था। उन्होंने तीन प्रमुख बिंदुओं का उल्लेख किया—पहला, भारत के साथ समान स्तर पर बातचीत; दूसरा, ऊर्जा सुरक्षा से कोई समझौता नहीं; और तीसरा, भारतीय किसानों के हितों की रक्षा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि मौजूदा समझौते से किसानों और कुछ उद्योगों, खासकर वस्त्र क्षेत्र, को नुकसान हो सकता है।
सरकार की ओर से अभी तक इन आरोपों पर विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। लेकिन राजनीतिक हलकों में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है और आने वाले चर्चा और गरमाने की संभावना है।
