Mayawati on UP Budget: उत्तर प्रदेश विधानसभा में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 9.13 लाख करोड़ रुपये का बजट पेश किए जाने के बाद राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है। बहुजन समाज पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती ने बजट को लेकर राज्य सरकार पर निशाना साधा है।

मायावती ने कहा कि प्रस्तुत बजट अधिकतर घोषणाओं और लोकलुभावन वादों पर आधारित नजर आता है, जबकि जमीनी स्तर पर व्यापक और समावेशी विकास की स्पष्ट झलक कम दिखाई देती है। उनका कहना है कि अगर पिछली घोषणाओं और योजनाओं के वास्तविक क्रियान्वयन का ठोस आंकड़ा सामने रखा जाता, तो बजट भाषण अधिक विश्वसनीय बनता।

उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश के लोगों को स्थायी रोजगार और आय के अवसरों का अब भी इंतजार है। उनके मुताबिक, केवल बड़ी रकम का बजट पेश करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जरूरी है कि उसका प्रभाव आम जनता, खासकर गरीबों और किसानों के जीवन में दिखे। बसपा प्रमुख ने अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आरक्षण तथा लंबित भर्तियों का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि बैकलॉग पदों को शीघ्र भरना सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए।

मायावती ने यह भी कहा कि अगर सरकार ‘सर्वजन हिताय, सर्वजन सुखाय’ की भावना से कार्य करे और सभी वर्गों के हित को समान रूप से ध्यान में रखे, तो यह प्रदेश और देश दोनों के लिए बेहतर होगा। उन्होंने संकेत दिया कि बजट का उद्देश्य किसी विशेष वर्ग तक सीमित न होकर व्यापक सामाजिक और आर्थिक सुधार होना चाहिए। सरकार की ओर से फिलहाल इस आलोचना पर कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं आई है, लेकिन आगामी दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने के आसार हैं।

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