मिर्जापुर: असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा मां विंध्यवासिनी धाम पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। मंदिर में पूजा अर्चना के बाद उन्होंने मीडिया से बातचीत की और राष्ट्रीय राजनीति से जुड़े कई सवालों पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के विचारों से कोई स्वयं को “राहुलवादी” नहीं बता सकता। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को आत्ममंथन करने की जरूरत है। उनके इस बयान के बाद राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़े सवाल पर उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और टीपू सुल्तान की तुलना को गलत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों ऐतिहासिक व्यक्तित्वों की भूमिका और परिस्थितियां अलग-अलग रही हैं, इसलिए उन्हें एक समान नहीं माना जा सकता। असम की स्थिति पर पूछे गए सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने राज्य की जनसंख्या संरचना का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि असम में जनसंख्या संतुलन एक महत्वपूर्ण विषय है और सरकार इस दिशा में संवैधानिक और कानूनी दायरे में रहकर काम कर रही है। एनआरसी के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है और सरकार अदालत के निर्देशों के अनुरूप आगे बढ़ेगी।
मुख्यमंत्री ने अपने विंध्याचल दौरे को आस्था से जुड़ा बताया। उन्होंने कहा कि वह मां विंध्यवासिनी का आशीर्वाद लेने आए हैं। इस दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। मंदिर परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। उनके इस दौरे और बयानों को लेकर राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल, उनका बयान सोशल मीडिया और राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
