लखनऊ: नगर निगम सदन की बैठक शनिवार को हंगामे के साथ शुरू हुई। मेयर की मौजूदगी में भाजपा और कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बहस इतनी बढ़ गई कि कुछ समय के लिए सदन का माहौल तनावपूर्ण हो गया।

बैठक के दौरान जब एक भाजपा पार्षद अपनी बात रख रहे थे, तभी कांग्रेस पार्षदों ने आपत्ति जताते हुए उन्हें बीच में टोक दिया। इस पर दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। कांग्रेस की ओर से कहा गया कि “आप बार-बार न बोलिए”, जिसके बाद स्थिति और गरमा गई। माहौल बिगड़ता देख अन्य पार्षदों को बीच-बचाव करना पड़ा। घटनाक्रम से नाराज भाजपा पार्षद नागेंद्र सिंह चौहान ने सदन का बहिष्कार कर दिया और बैठक छोड़कर चले गए।
46 अरब रुपये का प्रस्तावित बजट
हंगामे के बीच नगर निगम ने आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 46 अरब रुपये का बजट तैयार किया है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार लगभग 300 करोड़ रुपये की वृद्धि प्रस्तावित है। बीते वर्ष नगर निगम का बजट 43 अरब रुपये था। नए बजट में शहर के विकास कार्यों पर विशेष जोर दिया गया है। खुले नालों के ढंकने, पुलियों की मरम्मत, नई सड़कों के निर्माण, वेंडिंग जोन के विकास और यातायात व्यवस्था सुधार के लिए अतिरिक्त धनराशि प्रस्तावित की गई है। बजट को कार्यकारिणी की मंजूरी के लिए पेश किया जाएगा।
गोमती नगर और गोवंश रखरखाव पर विशेष प्रावधान
प्रस्तावित बजट में एलडीए से हैंडओवर की गई गोमती नगर की कॉलोनियों के विकास के लिए 55 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव शामिल है। पिछले वर्ष इस मद में कोई विशेष प्रावधान नहीं था। इसके अलावा, छुट्टा गोवंश के रखरखाव के लिए भी राशि बढ़ाई गई है। पिछले बजट में जहां 15 करोड़ रुपये का प्रावधान था, वहीं इस बार इसे बढ़ाकर 23 करोड़ रुपये किया गया है। साथ ही कर्मचारियों के वेतन और भत्तों में भी वृद्धि का प्रस्ताव रखा गया है। कार्यवाही के दौरान हुआ विवाद आने वाले समय में राजनीतिक बयानबाज़ी को और तेज कर सकता है। नगर निगम का यह बजट और सदन में हुआ टकराव, दोनों ही शहर की राजनीति में चर्चा का विषय बने हुए हैं।
