UP CM Yogi Singapore visit: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे ने राज्य में विदेशी निवेश की संभावनाओं को नई दिशा दी है। दौरे के पहले दिन मुख्यमंत्री ने कई अंतरराष्ट्रीय निवेशकों और कॉरपोरेट प्रतिनिधियों से मुलाकात कर प्रदेश में औद्योगिक सहयोग और दीर्घकालिक साझेदारी के अवसरों पर विस्तार से चर्चा की।
बैठकों के दौरान अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स, स्वास्थ्य, वेयरहाउसिंग, फिनटेक आधारित शहरी विकास, डेटा सेंटर और कौशल विकास जैसे क्षेत्रों में निवेश को लेकर सकारात्मक संकेत मिले। सिंगापुर की प्रमुख निवेश कंपनी टेमासेक होल्डिंग्स के शीर्ष नेतृत्व के साथ हुई बातचीत में उत्तर प्रदेश में निवेश बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार-विमर्श हुआ। कंपनी की ओर से राज्य में विभिन्न क्षेत्रों में रुचि दिखाई गई।

स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़े निवेश की राह
चर्चा के दौरान यह जानकारी सामने आई कि टेमासेक समूह से जुड़ी स्वास्थ्य सेवा कंपनी द्वारा गाजियाबाद में सैकड़ों करोड़ रुपये के निवेश की योजना है। इसके अलावा लॉजिस्टिक्स और वेयरहाउसिंग ढांचे के विकास के लिए भी महत्वपूर्ण निवेश प्रस्तावित है। इन परियोजनाओं से प्रदेश में आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं और औद्योगिक ढांचे को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
डेटा सेंटर और स्किल सेक्टर पर फोकस
बैठकों में डेटा सेंटर निर्माण और कौशल विकास कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी सहमति बनी। माना जा रहा है कि इन क्षेत्रों में सहयोग से प्रदेश में तकनीकी आधारभूत संरचना मजबूत होगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार होंगे।
निवेशकों को बताया यूपी का बदलता परिदृश्य
मुख्यमंत्री ने निवेशकों के समक्ष राज्य की बेहतर कानून-व्यवस्था, विस्तृत एक्सप्रेसवे नेटवर्क, डिफेंस कॉरिडोर, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, डेटा सेंटर नीति और विकसित हो रहे लॉजिस्टिक्स हब की जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है और सरकार उद्योगों को पारदर्शी व निवेशक-अनुकूल वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।
दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार निवेशकों के साथ दीर्घकालिक और विश्वसनीय साझेदारी को प्राथमिकता देती है। उनका कहना था कि बड़े पैमाने पर निवेश से प्रदेश में रोजगार सृजन और तकनीकी क्षमता के विस्तार को गति मिलेगी। गौरतलब है कि प्रदेश सरकार वैश्विक स्तर पर निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसी कड़ी में राज्य के वरिष्ठ प्रतिनिधि अन्य देशों में भी निवेशकों से संवाद कर रहे हैं, ताकि उत्तर प्रदेश को औद्योगिक और आर्थिक रूप से नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सके।
