UP News: देश की राजनीति में राज्यपालों को लेकर एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पश्चिम बंगाल के राज्यपाल के इस्तीफे और बिहार में राज्यपाल को हटाए जाने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर सवाल उठाने शुरू कर दिए हैं। इस पूरे मामले पर समाजवादी पार्टी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए भारतीय जनता पार्टी की कार्यशैली पर निशाना साधा है।
समाजवादी पार्टी के प्रवक्ता फखरुल हसन चांद ने कहा कि जिस तरीके से राज्यपालों से जुड़े फैसले लिए जा रहे हैं, उससे कई गंभीर सवाल खड़े होते हैं। उनका आरोप है कि चुनी हुई राज्य सरकारों से पर्याप्त परामर्श किए बिना ऐसे निर्णय लिए जा रहे हैं, जो संघीय ढांचे की भावना के खिलाफ माने जा सकते हैं।सपा प्रवक्ता ने यह भी कहा कि जिन राज्यों में गैर-भाजपा सरकारें हैं, वहां अक्सर राज्यपाल और राज्य सरकार के बीच टकराव की स्थिति देखने को मिलती है। उनके मुताबिक कई बार राज्यपालों के माध्यम से राज्य सरकारों के कामकाज में हस्तक्षेप किए जाने के आरोप भी लगते रहे हैं।
उधर पश्चिम बंगाल में विधानसभा चुनाव से पहले राज्यपाल सीवी आनंद बोस के इस्तीफे ने राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज कर दी है। वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी इस घटनाक्रम पर आश्चर्य व्यक्त किया है। जानकारी के अनुसार पश्चिम बंगाल के राज्यपाल पद का अतिरिक्त प्रभार फिलहाल तमिलनाडु के राज्यपाल आर.एन. रवि को दिया गया है, जब तक कि नए राज्यपाल की नियुक्ति नहीं हो जाती।
इसी बीच बिहार में भी बड़ा प्रशासनिक बदलाव हुआ है। वहां के राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान को पद से हटाकर उनकी जगह सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल सैयद अता हसनैन को नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। इन दोनों घटनाओं के बाद राजनीतिक दलों के बीच बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बहस और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
