UP Crime: उत्तर प्रदेश के एटा जिले में मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) से जुड़ा एक वीडियो सामने आने के बाद प्रशासनिक महकमे में हड़कंप मच गया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो में सीडीओ पर आंगनबाड़ी केंद्रों से पैसे मांगने का आरोप लगाया जा रहा है। मामला सामने आते ही शासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अधिकारी को निलंबित कर दिया है।
बताया जा रहा है कि वायरल वीडियो में सीडीओ नागेंद्र नारायण मिश्रा एक जिला समन्वयक से बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। बातचीत के दौरान कथित तौर पर हर आंगनबाड़ी केंद्र से 10 हजार रुपये की व्यवस्था कराने की बात कही जा रही है। वीडियो में यह भी सुनाई देता है कि जिला समन्वयक से इस राशि को जुटाने में सहयोग करने को कहा गया।
हालांकि संबंधित जिला समन्वयक ने कथित रूप से इस तरह के किसी भी लेन-देन में शामिल होने से साफ इनकार कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद यह मामला तेजी से चर्चा में आ गया और प्रशासनिक स्तर पर इसकी जानकारी उच्च अधिकारियों तक पहुंच गई। जैसे ही यह मामला शासन के संज्ञान में आया, तत्काल जांच के निर्देश दिए गए। इसके बाद उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने संबंधित अधिकारी को निलंबित करने की कार्रवाई की। निलंबन के साथ ही उन्हें मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया है।
सूत्रों के मुताबिक नागेंद्र नारायण मिश्रा ग्राम्य विकास सेवा से पदोन्नति पाकर सीडीओ बने थे। अब इस पूरे मामले की आगे विस्तृत जांच की जा रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वीडियो में सामने आई बातचीत किस परिस्थिति में हुई और इसमें कितनी सच्चाई है। इस घटना के बाद प्रशासनिक व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। वहीं अधिकारी स्तर पर भी इस मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और आगे की कार्रवाई जांच रिपोर्ट के आधार पर तय की जाएगी।
