UP Petrol-Diesel Shortage: Uttar Pradesh में पेट्रोल और डीजल की संभावित कमी को लेकर फैल रही आशंकाओं के बीच तेल कंपनियों ने स्थिति स्पष्ट की है। अधिकारियों का कहना है कि प्रदेश में ईंधन का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है और आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है। Indian Oil Corporation के राज्य प्रमुख और स्टेट लेवल कोऑर्डिनेटर Sanjay Bhandari ने बताया कि उत्तर प्रदेश में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति सामान्य रूप से जारी है। उनके अनुसार प्रदेश के लगभग 13 हजार पेट्रोल पंपों पर चार से पांच दिन का ईंधन स्टॉक मौजूद रहता है, जबकि राज्य के 32 डिपो और टर्मिनलों में 10 से 12 दिन का अतिरिक्त भंडार उपलब्ध है। इस तरह कुल मिलाकर प्रदेश में करीब 17 से 18 दिन का ईंधन स्टॉक मौजूद है।
एलपीजी आपूर्ति भी सामान्य
एलपीजी गैस को लेकर भी अधिकारियों ने कहा कि प्रदेश में 4100 से अधिक वितरक कार्यरत हैं। सामान्य तौर पर हर वितरक के पास एक से दो दिन की इन्वेंट्री रहती है, जबकि गैस बॉटलिंग प्लांट पर तीन से चार दिन का स्टॉक रखा जाता है। यह व्यवस्था सामान्य दिनों में भी इसी प्रकार बनी रहती है।
रिफिल के नियमों में बदलाव
अधिकारियों के अनुसार मौजूदा वैश्विक परिस्थितियों को देखते हुए एलपीजी सिलेंडर की रिफिल अवधि 25 दिन तय की गई है। साथ ही गैस सिलेंडर की डिलीवरी अब डिलीवरी ऑथराइजेशन कोड (DAC) के आधार पर ही की जाएगी, ताकि गैस वास्तविक उपभोक्ताओं तक पहुंचे और किसी प्रकार का दुरुपयोग न हो।
अंतरराष्ट्रीय हालात का असर
मध्य-पूर्व क्षेत्र में बढ़ते तनाव के कारण ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंताएं जरूर बनी हैं, क्योंकि भारत अपनी एलपीजी जरूरत का बड़ा हिस्सा आयात करता है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि घरेलू उपभोक्ताओं की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत रखा गया है। तेल कंपनियों ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें और पैनिक बायिंग से बचें। अधिकारियों का कहना है कि ईंधन और गैस की आपूर्ति पूरी तरह नियंत्रित और व्यवस्थित है, इसलिए आम जनता को किसी तरह की परेशानी नहीं होगी।
