लखनऊ: निवेशकों के हजारों करोड़ रुपये से जुड़े मामले में रियल एस्टेट कंपनी Ansal Properties & Infrastructure Ltd. (अंसल ग्रुप) पर जांच एजेंसियों की कार्रवाई जारी है। हाल ही में Enforcement Directorate (ईडी) ने कंपनी से जुड़ी करीब 313 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को जब्त किया है। हालांकि कंपनी की अन्य संपत्तियों पर कार्रवाई फिलहाल कानूनी प्रक्रिया के कारण अटकी हुई है।
जानकारी के अनुसार अंसल समूह की कई कंपनियों के खिलाफ दिवालिया प्रक्रिया चल रही है, जिसकी सुनवाई National Company Law Tribunal (एनसीएलटी) में जारी है। इसी वजह से कई महत्वपूर्ण संपत्तियों पर अभी तक पूरी तरह कार्रवाई नहीं हो पाई है।
जांच एजेंसियों के मुताबिक कंपनी पर हजारों निवेशकों से धन जुटाने और उस धन के गलत इस्तेमाल के आरोप हैं। बताया जा रहा है कि लगभग 5000 निवेशकों से प्राप्त धनराशि को कथित तौर पर अलग-अलग शेल कंपनियों में स्थानांतरित किया गया और उससे देश के कई शहरों में संपत्तियां खरीदी गईं। इनमें से कई संपत्तियां कंपनी से जुड़े प्रमोटरों, निदेशकों और उनके करीबी लोगों के नाम पर खरीदी गई बताई जा रही हैं। सूत्रों के अनुसार ईडी ने करीब तीन हजार करोड़ रुपये मूल्य की ऐसी संपत्तियों की पहचान की है, जिन पर आगे कार्रवाई की जा सकती है। लेकिन एनसीएलटी में चल रही सुनवाई के कारण इन संपत्तियों को जब्त करने और आगे की प्रक्रिया में देरी हो रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन संपत्तियों को जब्त करने के बाद उनकी नीलामी की जाएगी। नीलामी से मिलने वाली राशि के आधार पर ही निवेशकों को उनकी रकम वापस मिलने की संभावना बनेगी। इस वजह से निवेशकों को फिलहाल लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। उधर एनसीएलटी ने कंपनी से जुड़े मामले में दिवालिया प्रक्रिया को बरकरार रखते हुए निवेशकों को भी अपना पक्ष रखने का अवसर दिया है। आने वाले समय में अदालत और जांच एजेंसियों की कार्रवाई के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि निवेशकों को उनकी रकम कब और किस तरह वापस मिल सकेगी।
