UP Panchayat Elections 2026: Uttar Pradesh में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को लेकर चल रही असमंजस की स्थिति अब खत्म हो गई है। सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि ग्राम पंचायत, क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायत के चुनाव तय समयसीमा के भीतर, यानी जुलाई 2026 से पहले ही कराए जाएंगे। इसके साथ ही मौजूदा जनप्रतिनिधियों का कार्यकाल बढ़ाने की संभावना से भी इनकार कर दिया गया है। पंचायती राज मंत्री Om Prakash Rajbhar ने कहा कि सभी स्तरों पर चुनाव समय पर कराने के निर्देश दिए जा चुके हैं और प्रशासनिक मशीनरी तैयारियों में जुट गई है। उन्होंने यह भी बताया कि भले ही विभिन्न पदों का कार्यकाल अलग-अलग समय पर समाप्त हो रहा हो, लेकिन किसी का भी कार्यकाल आगे नहीं बढ़ाया जाएगा।
आरक्षण का आधार क्या होगा?
चुनाव में आरक्षण की प्रक्रिया को लेकर भी सरकार ने स्थिति साफ की है। पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण तय करने हेतु आयोग का गठन किया जाएगा, जिसे जल्द ही कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। सीटों का आरक्षण 2011 की जनगणना के आधार पर निर्धारित किया जाएगा और पहले से लागू रोटेशन सिस्टम को ही आगे जारी रखा जाएगा। आयोग की रिपोर्ट मिलते ही आरक्षण सूची जारी कर दी जाएगी।
तैयारियां तेज, जिलों में मतपत्र पहुंचे
चुनाव की तैयारियां अब जमीनी स्तर पर नजर आने लगी हैं। Amethi सहित कई जिलों में मतपत्र पहुंच चुके हैं। इन मतपत्रों को कड़ी सुरक्षा के बीच स्ट्रांग रूम में रखा गया है, जहां डबल लॉक सिस्टम और पुलिस-पीएसी की निगरानी सुनिश्चित की गई है। अमेठी जिले में सैकड़ों ग्राम पंचायतों के लिए लाखों मतदाता मतदान करेंगे। ग्राम प्रधान, क्षेत्र पंचायत सदस्य, जिला पंचायत सदस्य और ग्राम पंचायत सदस्य जैसे विभिन्न पदों के लिए पर्याप्त मात्रा में मतपत्र उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की बाधा न आए।
कानून-व्यवस्था पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने आगामी चुनाव और त्योहारों को देखते हुए अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, सुरक्षा और सौहार्द बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी प्रकार की अराजकता या कानून-व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। सरकार के इस फैसले के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर सरगर्मी तेज हो गई है। गांव स्तर पर नेतृत्व के चयन और विकास योजनाओं की दिशा तय करने वाले इन चुनावों को लेकर राजनीतिक गतिविधियां भी बढ़ने लगी हैं। अब सभी की नजरें राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा जारी होने वाले चुनाव कार्यक्रम पर टिकी हैं, जो जल्द ही घोषित किया जा सकता है।
