Mohanlalganj: प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना से जुड़े हजारों किसानों के सामने बड़ी परेशानी खड़ी हो गई है। जानकारी के अनुसार करीब 25 हजार किसानों की आगामी किस्तों पर खतरा मंडरा रहा है, जबकि कई किसानों को 22वीं किश्त का भुगतान भी नहीं मिल सका है। बताया जा रहा है कि मोहनलालगंज की 78 ग्राम पंचायतों में कुल 48 हजार से अधिक किसान इस योजना के लाभार्थी हैं, लेकिन इनमें से केवल लगभग आधे किसानों की ही “फार्मर रजिस्ट्री” पूरी हो पाई है। सरकार की इस प्रक्रिया के तहत किसानों की जमीन और पात्रता का पूरा विवरण ऑनलाइन दर्ज किया जा रहा है, ताकि अपात्र लोगों को योजना से हटाया जा सके।
इसी प्रक्रिया के अधूरा रहने के कारण बड़ी संख्या में किसानों की किस्तें अटक गई हैं। प्रभावित किसान अपनी समस्या लेकर कृषि विभाग और तहसील कार्यालय के चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान स्पष्ट नहीं हो पाया है। कृषि विभाग का कहना है कि गांव-गांव अभियान चलाकर छूटे हुए किसानों की रजिस्ट्री की जा रही है। पंचायत सचिवों, राजस्व विभाग और जन सेवा केंद्रों की मदद से घर-घर जाकर डेटा अपडेट किया जा रहा है। इसके बावजूद कई किसानों तक टीम पहुंच नहीं पा रही है। अधिकारियों के अनुसार, जिन किसानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी है, उनमें कुछ मृतक, कुछ के भूमि अभिलेखों में त्रुटि और कुछ अन्य जिलों में रहने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे मामलों की जांच कर सूची को ठीक किया जा रहा है।
इसके अलावा यह भी सामने आया है कि जिन परिवारों में पति-पत्नी दोनों योजना का लाभ ले रहे थे, उनकी किश्तों को भी रोका गया है। हालांकि 22वीं किश्त रुकने के सभी कारण अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। कृषि विभाग ने दावा किया है कि जल्द ही शेष किसानों की रजिस्ट्री पूरी कर ली जाएगी, ताकि पात्र किसानों को योजना का लाभ निर्बाध रूप से मिल सके। फिलहाल, किसानों की नजर अगली किस्त पर टिकी है और वे जल्द समाधान की उम्मीद कर रहे हैं।
