मोहनलालगंज, लखनऊ। आगरा-लखनऊ पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना के लिए अधिग्रहित की जा रही जमीन के मुआवजे को लेकर क्षेत्र के किसानों में असंतोष बढ़ता जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार को दर्जनों किसानों ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और जिलाधिकारी को संबोधित ज्ञापन उपजिलाधिकारी को सौंपा।
मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र के भंसड़ा, गौरा, बिंदौआ, हुलासखेड़ा, खुजेहटा और बरकतनगर सहित कई गांवों के किसानों ने आरोप लगाया कि उनकी कृषि भूमि का मुआवजा सर्किल रेट के चार गुना के आधार पर निर्धारित किया गया है, जो वर्तमान बाजार मूल्य की तुलना में काफी कम है।
किसानों का कहना है कि जहां उन्हें लगभग 23 लाख रुपये प्रति बीघा मुआवजा प्रस्तावित किया गया है, वहीं उसी जमीन की वास्तविक बाजार कीमत करीब डेढ़ करोड़ रुपये प्रति बीघा है। ऐसे में उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।
प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन पर दबाव बनाने का भी आरोप लगाया। उनका कहना था कि अधिकारियों द्वारा सर्किल रेट के आधार पर ही सहमति देने के लिए मजबूर किया जा रहा है, जो पूरी तरह से अनुचित है। किसानों ने मांग की कि भूमि का मुआवजा बाजार दर के अनुरूप तय किया जाए, ताकि वे अपने परिवार और भविष्य को सुरक्षित रख सकें।
मौके पर मौजूद उपजिलाधिकारी पवन पटेल और इंस्पेक्टर बृजेश त्रिपाठी ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाया जाएगा और उचित कार्रवाई के लिए प्रयास किया जाएगा। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही उनकी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे।
