मोहनलालगंज, लखनऊ। थाना क्षेत्र में दलित महिला से कथित छेड़छाड़ और मारपीट के मामले ने अब नया मोड़ ले लिया है। न्याय की उम्मीद लेकर थाने पहुंची पीड़िता ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि शिकायत दर्ज करने के बजाय उसे थाने से भगा दिया गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, पीड़िता अपने छोटे बच्चे को स्कूल छोड़ने जा रही थी। इसी दौरान रास्ते में स्थित एक फार्म हाउस के पास बैठे एक व्यक्ति ने कथित रूप से उसके साथ छेड़छाड़ की। विरोध करने पर आरोपी ने अभद्रता करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया और जान से मारने की धमकी दी। शोर मचाने पर आरोपी मौके से फरार हो गया।

घटना के बाद पीड़िता अपने परिजनों के साथ थाने पहुंची, लेकिन उसका आरोप है कि वहां उसकी शिकायत दर्ज नहीं की गई। पीड़िता का कहना है कि थाना प्रभारी बृजेश त्रिपाठी ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे डांट-फटकार कर भगा दिया।

पीड़ित पक्ष ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी ने पहले से ही पुलिस से मिलीभगत कर खुद को बचाने की कोशिश की और उल्टा महिला, उसके पति तथा अन्य महिलाओं के खिलाफ झूठा मुकदमा दर्ज करा दिया, ताकि दबाव बनाकर मामले को दबाया जा सके।

परिजनों का यह भी कहना है कि देर शाम कुछ पुलिसकर्मी उनके घर पहुंचे और शिकायत वापस लेने के लिए दबाव बनाया। विरोध करने पर कथित रूप से धमकी भी दी गई, जिससे परिवार में भय का माहौल है।

घटना के बाद क्षेत्र में आक्रोश व्याप्त है और स्थानीय लोग मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं। पीड़ित परिवार ने उच्च अधिकारियों से हस्तक्षेप कर न्याय दिलाने की गुहार लगाई है। अब यह देखना अहम होगा कि पुलिस प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और पीड़िता को कब तक न्याय मिल पाता है।

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