लखनऊ: राजधानी में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग दंपती को ‘डिजिटल अरेस्ट’ का डर दिखाकर 1.29 करोड़ रुपये की बड़ी ठगी को अंजाम दिया। मामला गोमतीनगर क्षेत्र का है, जहां पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पीड़ित के मुताबिक, मार्च के अंत में उनकी पत्नी के मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वालों ने खुद को जांच एजेंसियों से जुड़ा बताते हुए दावा किया कि कुछ संदिग्ध लोगों ने पूछताछ में उनका नाम लिया है। इसके बाद ठगों ने वीडियो कॉल के जरिए खुद को विभिन्न एजेंसियों के अधिकारी बताकर दंपती को डराया-धमकाया।
ठगों ने दंपती पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वे अवैध गतिविधियों में शामिल हैं और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो सकती है। साथ ही उन्हें किसी से संपर्क न करने की हिदायत दी गई और लगातार निगरानी में रखा गया।
डर के माहौल में ठगों ने जांच और कागजी प्रक्रिया का हवाला देकर दंपती से कई बार में बड़ी रकम ट्रांसफर करवा ली। आरोपियों ने भरोसा दिलाया कि जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा, लेकिन बाद में संपर्क टूट गया।
पीड़ित ने बताया कि ठगी गई रकम उन्होंने अपनी जमा पूंजी और संपत्ति बेचकर जुटाई थी। घटना के बाद दंपती मानसिक रूप से काफी परेशान हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों द्वारा इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर और बैंक खातों की जांच की जा रही है। जल्द ही गिरोह का पता लगाकर कार्रवाई की जाएगी।
सावधानी: पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर खुद को अधिकारी बताकर डराने-धमकाने वालों से सतर्क रहें और ऐसी स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस या साइबर हेल्पलाइन से संपर्क करें।
