लखनऊ: योगी आदित्यनाथ सरकार ने प्रदेश के श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी दरों में वृद्धि का फैसला लागू कर दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है जो 1 अप्रैल से प्रभावी होंगी।
सरकार के इस निर्णय के तहत प्रदेश को तीन श्रेणियों में बांटकर अलग-अलग मजदूरी तय की गई है। नोएडा, ग्रेटर नोएडा और गाजियाबाद को पहली श्रेणी में रखा गया है, जहां श्रमिकों को सबसे अधिक लाभ मिलेगा।
नई दरों के अनुसार, इन औद्योगिक क्षेत्रों में कुशल श्रमिकों का मासिक वेतन बढ़ाकर करीब 16,800 रुपये से अधिक कर दिया गया है, जिससे उन्हें लगभग 3,200 रुपये तक का अतिरिक्त लाभ मिलेगा। वहीं अर्द्धकुशल और अकुशल श्रमिकों की मजदूरी में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी की गई है।
दूसरी श्रेणी में आने वाले नगर निगम क्षेत्रों में भी वेतन वृद्धि लागू की गई है, जहां कुशल श्रमिकों की आय में अच्छा इजाफा हुआ है। इसके अलावा तीसरी श्रेणी, यानी अन्य जिलों में भी श्रमिकों के वेतन में 1,000 रुपये से अधिक की वृद्धि सुनिश्चित की गई है।
बताया जा रहा है कि औद्योगिक क्षेत्रों में श्रमिकों द्वारा मजदूरी बढ़ाने की मांग और विरोध के बाद सरकार ने इस दिशा में कदम उठाया। इसके लिए एक समिति गठित की गई थी, जिसने विभिन्न पहलुओं पर विचार करने के बाद संशोधित दरों की सिफारिश की।
सरकार का कहना है कि इस निर्णय से लाखों श्रमिकों को आर्थिक राहत मिलेगी और उनकी जीवन-स्तर में सुधार होगा।
