लखनऊ/नोएडा। नोएडा में हुए हिंसक प्रदर्शन को लेकर जांच में नए खुलासे सामने आ रहे हैं। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि इस घटना में बाहरी लोगों की भूमिका हो सकती है, जिन्होंने प्रदर्शन को उग्र बनाने की कोशिश की।
मामले की जांच कर रही स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) को ऐसे सुराग मिले हैं, जिनसे पता चलता है कि दिल्ली के एक विश्वविद्यालय से जुड़े कुछ लोग और एक राजनीतिक समूह के सदस्य घटना के दौरान मौके पर मौजूद थे। आरोप है कि इन लोगों ने स्थानीय मजदूरों को भड़काकर प्रदर्शन को हिंसक रूप दिया।
सूत्रों के अनुसार, घटना के दौरान कुछ उपद्रवी तत्वों ने वाहनों में तोड़फोड़ और आगजनी की, साथ ही पुलिस पर भी पथराव किया। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने सख्ती दिखाई, जिसके बाद कई संदिग्ध मौके से भागने लगे। कुछ लोगों को रास्ते में हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
जांच एजेंसियों को यह भी जानकारी मिली है कि इसी तरह के कुछ लोग हरियाणा के मानेसर में हुए एक अन्य प्रदर्शन में भी सक्रिय रहे थे। इस कड़ी को जोड़ते हुए एजेंसियां विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म और मैसेजिंग ग्रुप्स की भी जांच कर रही हैं, जिनके माध्यम से लोगों को जुटाने और भड़काने की कोशिश की गई थी।
एसटीएफ का कहना है कि घटना में शामिल सभी लोगों की पहचान की जा रही है और पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि कानून व्यवस्था से खिलवाड़ करने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।
