लखनऊ। प्रदेश के गन्ना किसानों के लिए सरकार नई तकनीक आधारित व्यवस्था लागू करने जा रही है। अब गन्ना बीज वितरण प्रक्रिया को पूरी तरह डिजिटल बनाया जाएगा, जिससे शोध केंद्र से लेकर किसानों के खेत तक हर चरण की निगरानी संभव होगी।
गन्ना विकास विभाग द्वारा एक विशेष मोबाइल ऐप तैयार किया जा रहा है, जिसके जरिए बीज की उपलब्धता, मांग और आपूर्ति की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जाएगी। यह ऐप अगले कुछ समय में लॉन्च होने की संभावना है।
अधिकारियों के अनुसार, वर्तमान में बीज वितरण कई स्तरों—जैसे शोध केंद्र, गन्ना समितियों और नर्सरी—से होकर गुजरता है, लेकिन इसकी पारदर्शी निगरानी करना मुश्किल होता है। नई डिजिटल प्रणाली लागू होने के बाद हर चरण पर नजर रखी जा सकेगी, जिससे अनियमितताओं और कालाबाजारी पर रोक लगेगी।
नई व्यवस्था में किसान अपने मोबाइल के जरिए बीज की उपलब्धता की जानकारी ले सकेंगे और सीधे मांग दर्ज कर पाएंगे। इसके बाद संबंधित अधिकारी मांग के अनुसार आपूर्ति सुनिश्चित करेंगे, जिससे समय पर बीज मिलने में सुविधा होगी।
इस परियोजना को तकनीकी संस्थानों के सहयोग से विकसित किया जा रहा है और इसे बिना अतिरिक्त खर्च के सरकारी योजना के तहत लागू किया जाएगा। सरकार का मानना है कि इस पहल से प्रदेश के लाखों गन्ना किसानों को फायदा मिलेगा, उत्पादन में सुधार होगा और पूरी व्यवस्था अधिक पारदर्शी बनेगी।
