ग्रामीणों के अनुसार पंचायत भवन परिसर मुख्य चौराहे के निकट स्थित है, जिसकी सुरक्षा और सीमांकन के उद्देश्य से पूर्व में सरकारी धन से चारदीवारी का निर्माण कराया गया था। आरोप है कि हाल ही में चारदीवारी के एक हिस्से को तोड़कर परिसर के भीतर से रास्ता निकाला जा रहा है। इस दौरान परिसर में लगे कुछ पेड़ों को भी हटाए जाने की बात सामने आई है, जिससे स्थानीय लोगों में नाराजगी व्याप्त है।
ग्रामीणों का कहना है कि चारदीवारी का निर्माण प्रशासनिक स्वीकृति के बाद कराया गया था और उस पर सरकारी धन व्यय हुआ था। ऐसे में यदि किसी कारणवश संरचना में परिवर्तन की आवश्यकता थी तो इसके लिए सक्षम अधिकारियों से अनुमति लेकर निर्धारित प्रक्रिया का पालन किया जाना चाहिए था। उनका आरोप है कि बिना स्पष्ट अनुमति के की गई कार्रवाई से सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया है।
स्थानीय लोगों ने बताया कि चारदीवारी निर्माण से संबंधित अभिलेख एवं स्वीकृतियां पंचायत और विभागीय अभिलेखों में उपलब्ध हैं। ऐसे में बिना उचित प्रक्रिया अपनाए बाउंड्री वॉल को हटाया जाना कई सवाल खड़े करता है। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में खंड विकास अधिकारी ने बताया कि यदि मामले की लिखित शिकायत प्राप्त होती है तो उसकी जांच कराई जाएगी। जांच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
