लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) के छात्रावासों में केवल शाकाहारी भोजन उपलब्ध कराने के निर्णय को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन के इस फैसले पर जहां कुछ छात्रों ने समर्थन जताया है, वहीं कई छात्रों ने इसे अपनी पसंद के भोजन के अधिकार से जोड़ते हुए आपत्ति दर्ज कराई है। इस मुद्दे पर विपक्षी दलों ने भी सरकार और विश्वविद्यालय प्रशासन को घेरा है।
जानकारी के अनुसार, विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुलपति के निर्देश पर छात्रावासों के भोजन मेन्यू में बदलाव करते हुए अब केवल शाकाहारी भोजन परोसने का निर्णय लिया है। पहले कुछ छात्रावासों में मांग के आधार पर सप्ताह में सीमित दिनों में अंडा सहित कुछ नॉनवेज विकल्प उपलब्ध कराए जाते थे, लेकिन अब नई व्यवस्था लागू होने के बाद छात्रावास की मेस में केवल शाकाहारी भोजन मिलेगा।
छात्रावास प्रशासन का कहना है कि नया मेन्यू पोषण और स्वास्थ्य संबंधी जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, छात्रों को संतुलित आहार उपलब्ध कराने के लिए पर्याप्त प्रोटीन और अन्य आवश्यक पोषक तत्वों को शामिल किया जाएगा।
हालांकि, इस फैसले को लेकर छात्रों की राय बंटी हुई है। कुछ छात्रों ने इसे सकारात्मक कदम बताया, जबकि अन्य का कहना है कि छात्रावास में रहने वाले विद्यार्थियों को अपनी पसंद के अनुसार भोजन चुनने का विकल्प मिलना चाहिए। उनका मानना है कि सभी छात्रों पर एक जैसी व्यवस्था लागू करना उचित नहीं है।
मामला राजनीतिक गलियारों तक भी पहुंच गया है। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस ने इस निर्णय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि शिक्षा और स्वास्थ्य संस्थानों की मूल समस्याओं के बजाय अन्य मुद्दों को प्रमुखता दी जा रही है। विपक्षी नेताओं ने इसे छात्रों की व्यक्तिगत पसंद से जुड़ा विषय बताते हुए फैसले पर पुनर्विचार की मांग की है।
वहीं, विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि यह निर्णय छात्रों के स्वास्थ्य और बेहतर भोजन व्यवस्था को ध्यान में रखकर लिया गया है। प्रशासन के अनुसार, यदि इस संबंध में कोई सुझाव या आपत्ति प्राप्त होती है तो नियमानुसार उस पर विचार किया जाएगा।
