लखनऊ। इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं की जांच से जुड़ी याचिका पर तत्काल सुनवाई करने से इनकार कर दिया है। अदालत ने कहा कि इस मामले में शीघ्र सुनवाई की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि राज्य सरकार पहले ही मामले का संज्ञान लेकर आवश्यक कार्रवाई कर रही है।

यह मामला याचिकाकर्ता मोहित अशोक द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें राम मंदिर में प्राप्त दान राशि के प्रबंधन की स्वतंत्र जांच कराने और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (सीएजी) से ऑडिट कराए जाने की मांग की गई थी। याचिका में मंदिर ट्रस्ट की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए न्यायालय के हस्तक्षेप की अपील की गई थी।

अवकाशकालीन पीठ में न्यायमूर्ति पंकज भाटिया और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा कि न्यायालय में पहले से बड़ी संख्या में मामले लंबित हैं और प्रदेश सरकार इस विषय में पहले ही कदम उठा चुकी है। इस कारण याचिका को प्राथमिकता देने का कोई विशेष कारण नहीं बनता। गौरतलब है कि जून माह में उत्तर प्रदेश सरकार ने मामले की जांच के लिए एक विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया था। इस टीम की अध्यक्षता लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत कर रहे हैं, जबकि इसमें पुलिस और वित्त विभाग के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। जांच दल द्वारा संबंधित पक्षों से जानकारी जुटाने और मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद रिपोर्ट तैयार किए जाने की प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है।

वहीं मामले में आगे की कार्रवाई सरकार द्वारा प्रस्तुत जांच रिपोर्ट और निष्कर्षों पर आधारित रहेगी।

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