निगोहां, लखनऊ। पुलिस कमिश्नरेट लखनऊ के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन अभियान के अंतर्गत निगोहां थाना क्षेत्र से जुड़े एक पुराने मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में आरोपी को दो माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, पुलिस महानिदेशक उत्तर प्रदेश के निर्देश पर संचालित ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत पुलिस आयुक्त अमरेंद्र कुमार सेंगर तथा संयुक्त पुलिस आयुक्त अपराध एवं मुख्यालय के पर्यवेक्षण में पैरवी शाखा द्वारा न्यायालय में प्रभावी पैरवी की गई। इसी क्रम में स्पेशल जज एससी/एसटी न्यायालय ने 22 जून 2026 को वर्ष 2017 में दर्ज एक मामले में अपना फैसला सुनाया।
न्यायालय ने थाना निगोहां क्षेत्र के बख्तरीखेड़ा गांव निवासी रामप्रसाद पुत्र रामनाथ को आत्महत्या के लिए दुष्प्रेरित करने के आरोप में दोषी मानते हुए पांच वर्ष के सश्रम कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। साथ ही यह भी आदेश दिया कि आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
पुलिस के अनुसार, मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से प्रभावी पैरवी की गई, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी को न्यायालय से सजा दिलाई जा सकी। इस प्रक्रिया में न्यायालय से जुड़े कर्मियों, अभियोजन कार्यालय तथा थाना स्तर के पैरोकारों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत गंभीर अपराधों में आरोपित व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी पैरवी जारी रहेगी, ताकि अपराधियों को शीघ्र और कठोर दंड दिलाया जा सके।
