मोहनलालगंज, लखनऊ। जमीन खरीद-फरोख्त में कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नगराम क्षेत्र की एक महिला ने आरोप लगाया है कि उन्हें मुख्य सड़क से सटी जमीन दिखाकर दूसरी भूमि का बैनामा करा दिया गया। इतना ही नहीं, बैनामे में दर्ज भूमि तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता भी नहीं है। पीड़िता ने पुलिस के उच्चाधिकारियों से शिकायत कर निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, नगराम थाना क्षेत्र के बहरौली गांव निवासी संगीता पत्नी शिवकुमार ने बताया कि करीब पांच माह पूर्व उन्होंने रामसेवक पुत्र रामनाथ, निवासी राधाकृष्ण खेड़ा, मोहनलालगंज से लगभग साढ़े पांच बिस्वा जमीन 10 लाख रुपये में खरीदी थी। इस सौदे में मोनू शुक्ल एवं बाल तिवारी, निवासी उतरावां, थाना निगोहां, ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।
पीड़िता का आरोप है कि सौदा तय करते समय उन्हें जो भूमि दिखाई गई थी, वह मुख्य कल्ली रोड से लगी हुई बताई गई थी। इसी भरोसे पर उन्होंने पूरी धनराशि का भुगतान कर बैनामा करा लिया। लेकिन जब वह जमीन पर कब्जा लेने पहुंचीं तो पता चला कि बैनामा किसी दूसरी भूमि का कराया गया है, जहां तक पहुंचने के लिए कोई रास्ता भी उपलब्ध नहीं है।
संगीता का कहना है कि जब उन्होंने विक्रेता और बिचौलियों से इस संबंध में आपत्ति जताई और समाधान की मांग की, तो उन्होंने टालमटोल शुरू कर दी। आरोप है कि बाद में उनके साथ अभद्र व्यवहार भी किया गया और विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई।
पीड़िता ने बताया कि उन्होंने पूरे मामले की लिखित शिकायत पुलिस के उच्चाधिकारियों सहित संबंधित अधिकारियों को दी है और दोषियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि शिकायत के बावजूद अब तक किसी भी आरोपी के खिलाफ कोई कानूनी कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे उन्हें न्याय मिलने की उम्मीद कमजोर पड़ती दिखाई दे रही है।
पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए तथा उन्हें उनकी खरीदी गई भूमि या फिर कानून के अनुसार उचित न्याय दिलाया जाए।
