नगराम, लखनऊ। नगराम थाना क्षेत्र में कथित अवैध मिट्टी खनन को लेकर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों और समाजसेवियों का आरोप है कि क्षेत्र में निर्धारित मानकों की अनदेखी करते हुए बड़े पैमाने पर मिट्टी का खनन और परिवहन किया जा रहा है। उनका कहना है कि जिस स्थान के लिए कार्यादेश (वर्क ऑर्डर) जारी किया गया है, उसके बजाय अन्य स्थानों से मिट्टी निकाली जा रही है और उसे नगराम क्षेत्र के विभिन्न मोहल्लों तथा निजी फार्म हाउसों में डाला जा रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार खनन कार्य के दौरान पर्यावरणीय नियमों का भी पालन नहीं किया जा रहा है। मिट्टी से भरे डंपर बिना तिरपाल के सड़कों पर दौड़ रहे हैं, जिससे उड़ने वाली धूल राहगीरों और आसपास के ग्रामीणों के लिए परेशानी का कारण बन रही है। वहीं खनन स्थलों पर धूल नियंत्रण के लिए पानी का छिड़काव या अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं भी नहीं की जा रही हैं।
समाजसेवियों का आरोप है कि जब भी अवैध खनन की शिकायत प्रशासन या संबंधित विभागों से की जाती है तो कुछ समय के लिए खनन कार्य और वाहनों का संचालन रोक दिया जाता है, लेकिन कुछ घंटों बाद फिर पहले की तरह गतिविधियां शुरू हो जाती हैं। उनका कहना है कि लगातार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से खनन से जुड़े लोगों के हौसले बुलंद हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि ओवरलोड और भारी वाहनों की लगातार आवाजाही से क्षेत्र की सड़कें भी क्षतिग्रस्त हो रही हैं। साथ ही तेज रफ्तार डंपरों और उड़ती धूल के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहती है। लोगों ने प्रशासन से नियमित निरीक्षण कर खनन नियमों का पालन सुनिश्चित कराने और उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्षेत्रीय नागरिकों का कहना है कि राजधानी क्षेत्र का हिस्सा होने के बावजूद यदि खनन संबंधी नियमों का पालन नहीं कराया जाता है, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है। उन्होंने मांग की है कि खनन विभाग, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और पुलिस संयुक्त अभियान चलाकर कार्यादेश, खनन स्थल, परिवहन व्यवस्था और पर्यावरणीय मानकों की निष्पक्ष जांच करें। यदि जांच में अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि क्षेत्र में अवैध खनन पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
