मोहनलालगंज, लखनऊ। उत्तर प्रदेश शासन के स्टाम्प एवं निबंधन अनुभाग की ओर से जारी 4 अगस्त की अधिसूचना के विरोध में मोहनलालगंज तहसील में अधिवक्ताओं का आंदोलन सोमवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। अधिवक्ताओं ने तहसील परिसर के विभिन्न कार्यालयों में तालाबंदी कर विरोध जताया और अधिसूचना वापस लिए जाने तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया।
अधिवक्ताओं का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद मोहनलालगंज तहसील क्षेत्र की संपत्तियों के निबंधन का काम लखनऊ के अलग-अलग उपनिबंधक कार्यालयों में कराया जा सकेगा। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को रजिस्ट्री के लिए दूर-दराज के कार्यालयों में जाना पड़ेगा और उन्हें अतिरिक्त समय व धन खर्च करना होगा।

अधिकारियों ने सुनी अधिवक्ताओं की समस्याएं
धरना स्थल पर सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वितीय लखनऊ रमेश चन्द पहुंचे। उन्होंने आंदोलनरत अधिवक्ताओं से बातचीत कर उनकी आपत्तियां और समस्याएं सुनीं। उन्होंने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों और आपत्तियों को शासन स्तर तक पहुंचाया जाएगा।
हालांकि, अधिवक्ताओं ने स्पष्ट किया कि जब तक शासन की ओर से अधिसूचना वापस लेने को लेकर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जालसाजी की आशंका जताई
अधिवक्ताओं का कहना है कि क्षेत्राधिकार को अलग-अलग कार्यालयों में बांटने से आम लोगों को परेशानी के साथ ही भविष्य में संपत्तियों से जुड़े विवाद और जालसाजी की संभावनाएं भी बढ़ सकती हैं। उनका कहना है कि स्थानीय स्तर पर निबंधन की व्यवस्था होने से लोगों को अपने दस्तावेज और संपत्ति संबंधी कार्यों के लिए आसानी रहती है।
किसान संगठन ने दिया समर्थन
अधिवक्ताओं के आंदोलन को राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन ने भी समर्थन दिया है। संगठन के प्रदेश महासचिव दिनेश यादव ने बार एसोसिएशन को पत्र भेजकर शासन की 4 अगस्त की अधिसूचना वापस लेने की मांग का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि निबंधन व्यवस्था में बदलाव से आम जनता को अनावश्यक परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
दो नए कार्यालय खोलने का प्रस्ताव पहले से लंबित
इसी बीच सहायक महानिरीक्षक निबंधन द्वितीय की ओर से महानिरीक्षक निबंधन उत्तर प्रदेश को भेजे गए पत्र में मोहनलालगंज उपनिबंधक कार्यालय के क्षेत्राधिकार को विभाजित कर दो उपनिबंधक कार्यालय स्थापित किए जाने के पूर्व प्रस्ताव का उल्लेख किया गया है।
पत्र के अनुसार, इस संबंध में समिति गठित कर प्रस्ताव तैयार किया गया था। प्रस्ताव को अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व/जिला निबंधक लखनऊ तथा जिलाधिकारी लखनऊ से अनुमोदित कराने के बाद शासन स्तर पर भेजा जा चुका है।
धरना-प्रदर्शन के दौरान बार एसोसिएशन के पूर्व महामंत्री ललित मिश्रा, अधिवक्ता वैभव द्विवेदी, विनय मिश्रा, देवेश सिंह, सिराज खान, अजय यादव, मनोज यादव समेत बड़ी संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे। अधिवक्ताओं ने कहा कि अधिसूचना वापस होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
