ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी भूमि पर दिन-रात मिट्टी का खनन किया जा रहा है, जिससे कई स्थानों पर गहरे गड्ढे बन गए हैं। उनका कहना है कि बरसात के मौसम में ये गड्ढे हादसों का कारण बन सकते हैं। साथ ही सरकारी भूमि को नुकसान पहुंचने के कारण राजस्व की भी क्षति होने की आशंका जताई जा रही है।
स्थानीय लोगों के अनुसार क्षेत्र में इससे पहले भी अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन समय रहते सख्त कार्रवाई न होने से ऐसे मामलों पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि खुलेआम चल रही इस गतिविधि से पर्यावरणीय संतुलन भी प्रभावित हो रहा है।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराकर सरकारी भूमि पर यदि अवैध खनन पाया जाए तो उसे तत्काल बंद कराया जाए। साथ ही इसमें शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने यह भी मांग की कि यदि जांच में किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध भी विभागीय कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि कई दिनों से लगातार खनन होने के बावजूद कार्रवाई न होने से क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते रोक नहीं लगी तो सरकारी भूमि को और अधिक नुकसान पहुंच सकता है।
इस संबंध में मोहनलालगंज के उपजिलाधिकारी पवन पटेल ने बताया कि मामले की जानकारी प्राप्त हुई है। राजस्व विभाग की टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई जाएगी। यदि जांच में सरकारी भूमि पर बिना अनुमति खनन किए जाने की पुष्टि होती है तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
