मोहनलालगंज, लखनऊ। जमीन की कथित धोखाधड़ीपूर्ण बिक्री के मामले में मोहनलालगंज पुलिस ने एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने प्रॉपर्टी डीलर अरुण कुमार उर्फ टोपीलाल को अतरौली तिराहे से पकड़ा है। पुलिस का दावा है कि पूछताछ में आरोपी ने फर्जी आधार कार्ड और अन्य दस्तावेज तैयार कराने की साजिश में शामिल होने की बात स्वीकार की है। इसके बदले उसे एक लाख रुपये मिलने की बात भी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक नगराम थाना क्षेत्र के करोरा निवासी अरुण कुमार शुक्ला ने सितंबर 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनकी नानी गंगोत्री देवी ने वर्ष 1998 में अपनी जमीन की वसीयत उनके नाम की थी। इसके बाद वर्ष 2000 में जमीन का नामांतरण भी उनके नाम हो गया था।
आरोप है कि रकीबाबाद क्षेत्र स्थित कुछ गाटों की जमीन के रिकॉर्ड में हुई कथित लिपिकीय त्रुटि का फायदा उठाकर आरोपियों ने फर्जी व्यक्ति के नाम दस्तावेज तैयार कराए और जमीन की बिक्री करा दी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने पहले सुधीर को 25 अक्टूबर 2025 और कथित रूप से फर्जी तरीके से अकल कुमार गुप्ता बनने वाले सत्येन्द्र कुमार गुप्ता को 4 नवंबर 2025 को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। आगे की विवेचना में प्रॉपर्टी डीलर अरुण कुमार उर्फ टोपीलाल का नाम सामने आया।
पुलिस के अनुसार, अरुण ने शुभम सिंह के साथ मिलकर फर्जी आधार कार्ड और अन्य कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने में भूमिका निभाई थी। इसी आधार पर रविवार को पुलिस टीम ने उसे अतरौली तिराहे से गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस अब मामले में फरार चल रहे शुभम सिंह निवासी जौखण्डी, गोसाईगंज और रामबहादुर निवासी देवती, नगराम की तलाश कर रही है। दोनों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है।
मोहनलालगंज कोतवाली में दर्ज मुकदमा अपराध संख्या 343/2025 में आरोपी के खिलाफ बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस के मुताबिक अरुण कुमार के खिलाफ नगराम थाने में वर्ष 2017 में मारपीट, घर में घुसने, गाली-गलौज, धमकी और गुण्डागर्दी नियंत्रण अधिनियम से संबंधित मामले भी दर्ज हैं।
गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक अतुल सिंह, कांस्टेबल विकास जायसवाल और कांस्टेबल जितेन्द्र शामिल रहे।
