मोहनलालगंज, लखनऊ। उत्तर प्रदेश पुलिस के ऑपरेशन कनविक्शन अभियान के तहत लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस और अभियोजन विभाग को एक महत्वपूर्ण सफलता मिली है। गैंगस्टर एक्ट के एक मामले में न्यायालय ने आरोपी को दोषी बताया और तीन वर्ष के साधारण कारावास के साथ ही ₹5,000 के अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। न्यायालय ने यह भी आदेश दिया कि अर्थदंड जमा न करने पर दोषी को सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। साथ ही, आरोपी द्वारा पूर्व में जेल में बिताई गई अवधि को सजा में समायोजित करने के निर्देश दिए गए हैं।

यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश (गैंगस्टर कोर्ट)-5, लखनऊ द्वारा थाना निगोहां में दर्ज गैंगस्टर एक्ट के मामले में सुनाया गया। न्यायालय ने उन्नाव जनपद के मौरावां थाना क्षेत्र स्थित संदाना गांव निवासी शंकर को दोषसिद्ध मानते हुए सजा सुनाई।

पुलिस के अनुसार आरोपी एक संगठित आपराधिक गिरोह का सक्रिय सदस्य था और आर्थिक लाभ के उद्देश्य से वाहन लूट, चोरी, डकैती, हत्या सहित कई गंभीर अपराधों में संलिप्त रहा है। उसकी गतिविधियों से क्षेत्र में भय और असुरक्षा का माहौल बना हुआ था।

मामले की सुनवाई के दौरान लखनऊ कमिश्नरेट पुलिस, अभियोजन विभाग और थाना निगोहां की टीम ने समन्वित रूप से साक्ष्य एवं गवाहों को प्रभावी ढंग से न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी, कोर्ट मोहर्रिर, अभियोजन अधिकारियों तथा थाना पैरोकार हेड कांस्टेबल अरविंद की सक्रिय पैरवी के चलते अभियोजन पक्ष आरोप सिद्ध कराने में सफल रहा।

थाना प्रभारी अनुज कुमार तिवारी ने बताया कि ऑपरेशन कनविक्शन का उद्देश्य केवल अपराधियों की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि न्यायालय से उन्हें समयबद्ध और कठोर दंड दिलाना भी है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी गंभीर अपराधों के मामलों में मजबूत साक्ष्य और प्रभावी पैरवी के माध्यम से अपराधियों को कानून के अनुसार सजा दिलाने का अभियान जारी रहेगा, जिससे समाज में कानून का भय और आमजन का विश्वास दोनों मजबूत होंगे।

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