मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज कस्बे में सोमवार देर शाम प्रतिबंधित लकड़ी से लदी बताई जा रही एक डीसीएम को पुलिस द्वारा रोकने के बाद कथित रूप से अवैध लेनदेन कर वाहन छोड़ने के आरोप सामने आए हैं। घटना से जुड़े कुछ फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे हैं, जिसके बाद मामले को लेकर चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जुडियो शोरूम के सामने पुलिस ने एक डीसीएम को रोककर उसकी जांच की। इसी दौरान कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि जांच के बाद कथित रूप से सुविधा शुल्क लेकर वाहन को जाने दिया गया। हालांकि, इन आरोपों की अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
घटना के फोटो और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि वीडियो और आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस या वन विभाग की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। यह भी स्पष्ट नहीं हो सका है कि डीसीएम में लदी लकड़ी प्रतिबंधित प्रजाति की थी या उसके परिवहन से संबंधित सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। ऐसे में पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आ सकेगी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर तथ्य सार्वजनिक करने की मांग की है।
