निगोहां, लखनऊ। श्रावण मास और कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से निगोहां पुलिस ने विशेष दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत कांवड़ मार्ग और उससे जुड़े संपर्क मार्गों पर स्थित मीट, मछली, मुर्गा और अंडे की सभी कच्ची एवं पक्की दुकानें 30 जुलाई से 29 अगस्त 2026 तक बंद रहेंगी। आदेश को न मानने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
कस्बा इंचार्ज अनूप तिवारी की ओर से जारी नोटिस में कहा गया है कि सावन माह में बड़ी संख्या में कांवड़िए इन मार्गों से होकर गुजरते हैं। श्रद्धालुओं की धार्मिक भावनाओं का सम्मान और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। पुलिस इस अवधि में लगातार निगरानी और नियमित निरीक्षण करेगी।
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि केवल दुकानें बंद रखना ही पर्याप्त नहीं होगा। इस दौरान किसी भी दुकान, होटल या प्रतिष्ठान में मांसाहारी खाद्य पदार्थों का भंडारण, प्रदर्शन, बिक्री या परोसना भी प्रतिबंधित रहेगा। कांवड़ मार्ग पर स्थित होटल और ढाबे केवल शाकाहारी भोजन ही परोस सकेंगे। साथ ही प्रतिष्ठानों के सामने तिरपाल या कपड़े से ढकने के निर्देश भी दिए गए हैं, ताकि किसी प्रकार का मांसाहारी प्रदर्शन न हो।
इसके अलावा बिना वैध लाइसेंस के सड़क किनारे लगाए जाने वाले मीट, मछली या अन्य मांसाहारी खाद्य सामग्री के ठेले और अस्थायी दुकानें भी प्रतिबंधित कर दी गई हैं। पुलिस ने कहा है कि अवैध बिक्री या अनधिकृत दुकान संचालन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
एसीपी मोहनलालगंज राजेश कुमार सिंह ने कहा कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा, धार्मिक आस्था और कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने व्यापारियों से प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की अपील की।
उन्होंने चेतावनी दी कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई व्यक्ति मांसाहारी खाद्य पदार्थों का भंडारण, बिक्री या परोसता पाया गया तो उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठान को सील करने और लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति भी जिलाधिकारी को भेजी जा सकती है।
पुलिस प्रशासन ने सभी व्यापारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें और धार्मिक सौहार्द एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग दें।
