निगोहां, लखनऊ। निगोहां विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 15 हजार उपभोक्ताओं को गुरुवार को कई घंटे बिजली संकट का सामना करना पड़ा। उपकेंद्र को बिजली पहुंचाने वाली दोनों 33 केवी हाईटेंशन लाइनों में खराबी आने के कारण करीब छह घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। बिजली न होने से सरकारी और निजी कार्यालयों के कामकाज के साथ-साथ स्थानीय कारोबार भी प्रभावित हुआ।

बिजली कटौती के दौरान घरों में इनवर्टर भी जवाब दे गए। पेयजल की समस्या के साथ गर्मी में बच्चों और बुजुर्गों को भी परेशानी उठानी पड़ी। वहीं विश्वकर्मा पूजा के मौके पर वेल्डिंग, आटा चक्की और मोबाइल रिपेयरिंग समेत बिजली पर निर्भर कई छोटे कारोबार पूरी तरह प्रभावित रहे। स्थानीय लोगों के मुताबिक, बिजली विभाग के हेल्पलाइन नंबर 1912 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद कई बार लाइन फॉल्ट का संदेश मिल रहा था।
विद्युत विभाग के अवर अभियंता निगोहां आशीष कुमार के अनुसार, उपकेंद्र को 33 केवी की बिजली दो स्रोतों से मिलती है। बुधवार देर रात बछरावां से आने वाली लाइन के केबल बॉक्स में खराबी आ गई थी। इसके बाद समेसी से आने वाले दूसरे स्रोत से निगोहां उपकेंद्र की आपूर्ति बहाल कर दी गई थी।
जेई ने बताया कि गुरुवार दोपहर करीब एक बजे आंधी और बारिश के दौरान समेसी से आने वाली 33 केवी लाइन पर कई स्थानों पर पेड़ गिर गए। इससे दूसरी लाइन भी ब्रेकडाउन हो गई और निगोहां उपकेंद्र की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बंद हो गई।
विभागीय कर्मचारियों की टीम दोनों हाईटेंशन लाइनों में आई खराबी को दूर करने में जुटी रही। विभाग ने देर शाम तक आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद जताई।
डबल सोर्स व्यवस्था पर भी उठे सवाल
स्थानीय उपभोक्ताओं का कहना है कि निगोहां उपकेंद्र को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने के उद्देश्य से हाईटेंशन लाइन को डबल सोर्स से जोड़ा गया था। लेकिन उनका आरोप है कि वैकल्पिक स्रोत की लाइन में भी आए दिन खराबी आने के कारण व्यवस्था का अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोगों का कहना है कि दोनों लाइनों में खराबी होने पर पूरे क्षेत्र की बिजली घंटों गुल हो जाती है, जिससे उपभोक्ताओं और व्यापारियों को लगातार परेशानी झेलनी पड़ती है।
