मोहनलालगंज, लखनऊ। सिसेंडी क्षेत्र में करोड़ों रुपये मूल्य की जमीन की कथित फर्जी रजिस्ट्री के चर्चित मामले में मुकदमे के वादी आशीष गुप्ता ने मंगलवार को पुलिस उपायुक्त (दक्षिणी) मोहम्मद मुश्ताक से मुलाकात कर मामले के मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। उनका कहना है कि अब तक पुलिस ने केवल कथित फर्जी किसान हीरालाल को गिरफ्तार किया है, जबकि पूरे मामले के अन्य आरोपित अभी भी गिरफ्त से बाहर हैं।
डीसीपी को दिए गए शिकायती पत्र में आशीष गुप्ता ने कहा कि उन्होंने मृतक किसान की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। उनके अनुसार, जांच के दौरान कई अहम तथ्य सामने आए हैं, लेकिन कार्रवाई फिलहाल एक आरोपी तक ही सीमित दिखाई दे रही है। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण में शामिल सभी संदिग्धों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कर उचित कानूनी कार्रवाई की जाए।
वादी ने आरोप लगाया कि राजेश कुमार जायसवाल और अमन जायसवाल कथित तौर पर इस मामले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल हैं, लेकिन अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हुई है। उनका कहना है कि पूरे नेटवर्क का खुलासा तभी संभव होगा, जब सभी आरोपितों के खिलाफ साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पूछताछ के लिए लाए जाने वाले कुछ संदिग्धों को बाद में छोड़ दिया जाता है। वादी ने इस पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच कराने के साथ-साथ संबंधित पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच कराने की मांग की है।
आशीष गुप्ता ने यह भी दावा किया कि मुकदमा दर्ज कराने के बाद से उन्हें और उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही हैं। उन्होंने पुलिस से सुरक्षा उपलब्ध कराने तथा कथित रूप से धमकी देने वालों के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई करने की मांग की।
उनका कहना है कि यह मामला केवल एक व्यक्ति की गिरफ्तारी तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों रुपये की जमीन से जुड़े कथित फर्जीवाड़े के एक संगठित नेटवर्क का है। इसलिए पूरे मामले का खुलासा कर सभी दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होना आवश्यक है।
इस संबंध में डीसीपी (दक्षिणी) मोहम्मद मुश्ताक ने बताया कि मामले की विवेचना निष्पक्ष और गंभीरता के साथ की जा रही है। गिरफ्तार आरोपी से मिली जानकारी और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर शेष संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है। उन्होंने कहा कि जांच में जिन व्यक्तियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य प्राप्त होंगे, उनके विरुद्ध नियमानुसार सख्त विधिक कार्रवाई की जाएगी। किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
