मोहनलालगंज, लखनऊ। नई रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर मोहनलालगंज तहसील में अधिवक्ताओं का विरोध अब खुलकर सामने आ गया है। शुक्रवार को तहसील परिसर में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने एकजुट होकर प्रदर्शन किया और शासन से नई व्यवस्था से संबंधित अधिसूचना वापस लेने की मांग की।
अधिवक्ताओं का कहना है कि रजिस्ट्री व्यवस्था में किए गए बदलाव का असर सिर्फ उनके कार्य पर नहीं, बल्कि जमीन-जायदाद से जुड़े काम कराने वाले किसानों और आम लोगों पर भी पड़ सकता है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने शासन के फैसले के खिलाफ नारेबाजी की और इसे लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की।
व्यवस्था से बढ़ सकती हैं लोगों की दिक्कतें
प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने कहा कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद संपत्ति संबंधी दस्तावेजों के पंजीयन में व्यवहारिक परेशानियां सामने आ सकती हैं। उनका दावा है कि इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को अतिरिक्त समय और धन खर्च करना पड़ सकता है।
अधिवक्ताओं ने यह भी सवाल उठाया कि व्यवस्था लागू करने से पहले संबंधित अधिवक्ता संगठनों और अन्य हितधारकों से पर्याप्त बातचीत नहीं की गई। उनका कहना है कि जमीनी स्तर पर आने वाली दिक्कतों को समझने के बाद ही किसी बदलाव को लागू किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ता ऋषि द्विवेदी ने कहा कि अधिवक्ता समाज आम जनता और किसानों से जुड़े मुद्दों को लेकर अपनी आवाज उठाता रहेगा। उन्होंने शासन से नई रजिस्ट्री व्यवस्था पर पुनर्विचार करने और अधिसूचना को वापस लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनकी मांग पर गंभीरता से विचार नहीं किया तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर विरोध का दायरा बढ़ाने की भी चेतावनी दी गई।
शिव अटल सिंह ने भी जताया विरोध
अधिवक्ता शिव अटल सिंह ने भी नई व्यवस्था पर आपत्ति जताते हुए कहा कि किसी भी प्रशासनिक बदलाव से पहले संबंधित पक्षों के साथ चर्चा जरूरी है। उन्होंने कहा कि अधिवक्ताओं और राजस्व से जुड़े लोगों के सुझाव लेकर व्यवस्था को अधिक व्यावहारिक बनाया जा सकता है।
आंदोलन होगा तेज
तहसील परिसर में प्रदर्शन कर रहे अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि शासन की ओर से उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने धरना, कार्य बहिष्कार सहित अन्य लोकतांत्रिक तरीकों से विरोध तेज करने की बात कही।
अधिवक्ताओं ने कहा कि उनका विरोध सिर्फ पेशेगत हितों तक सीमित नहीं है, बल्कि जमीन और संपत्ति संबंधी काम कराने वाले किसानों, ग्रामीणों और आम नागरिकों की सुविधा भी उनके लिए महत्वपूर्ण है। फिलहाल प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा, लेकिन अधिवक्ताओं ने संकेत दिया है कि नई रजिस्ट्री व्यवस्था को लेकर उनका विरोध आगे भी जारी रहेगा।
