मोहनलालगंज, लखनऊ। जमीन दिलाने के नाम पर सात लाख रुपये लेने का मामला सामने आया है। मोहनलालगंज थाना क्षेत्र के सिसेंडी निवासी लक्ष्मी बाथम ने राजेश जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल पर रकम लेने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस स्तर से जांच पूरी कर मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति किए जाने की जानकारी है, लेकिन शिकायत के करीब 25 दिन बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने का मामला सामने आया है।
पीड़िता लक्ष्मी बाथम के मुताबिक, राजेश जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल ने उन्हें जमीन दिलाने का भरोसा देकर सात लाख रुपये लिए थे। शिकायत की जांच के दौरान बैंक खातों के माध्यम से रकम के लेनदेन की जानकारी सामने आई। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पांच लाख रुपये सुमित सर्विस स्टेशन के खाते में, जबकि दो लाख रुपये संजय सिंह के खाते में ट्रांसफर किए जाने का उल्लेख है।
बैंक खातों में लेनदेन का मिला उल्लेख मामले की जांच के दौरान पुलिस ने जमीन से संबंधित दस्तावेज, गाटा संख्या, विक्रेता और अन्य अभिलेखों के संबंध में जानकारी जुटाई। जांच रिपोर्ट में संबंधित पक्षों से स्पष्टीकरण लिए जाने का भी उल्लेख किया गया है। पुलिस जांच के आधार पर राजेश जायसवाल उर्फ राजू जायसवाल और संजय सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) समेत विवेचना में सामने आने वाली अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच किए जाने की संस्तुति की गई है।
हालांकि, आरोपों की सत्यता और संबंधित लोगों की भूमिका का अंतिम निर्धारण पुलिस की विवेचना के बाद ही होगा। चौकी से भेजी गई रिपोर्ट, एसीपी कार्यालय में लंबित मामले में सिसेंडी चौकी इंचार्ज अनूप सिंह की ओर से जांच रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को भेजे जाने की जानकारी है। मुकदमा दर्ज करने की संस्तुति के लिए चौकी स्तर से रिपोर्ट दोबारा डीसीपी कार्यालय भेजे जाने की बात भी सामने आई है। फिलहाल रिपोर्ट एसीपी कार्यालय में लंबित बताई जा रही है।
पीड़िता का कहना है कि शिकायत दिए करीब 25 दिन बीत चुके हैं, लेकिन अब तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उनका आरोप है कि पुलिस स्तर पर जांच पूरी होने और कार्रवाई की संस्तुति किए जाने के बावजूद मामला आगे नहीं बढ़ पा रहा है। इसके चलते उन्हें न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। अब निगाहें पुलिस के उच्चाधिकारियों के अगले कदम पर टिकी हैं। देखना होगा कि जांच रिपोर्ट पर कब तक निर्णय लिया जाता है और पीड़िता की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई कब शुरू होती है।
