नगराम, लखनऊ। समेसी विद्युत उपकेंद्र से जुड़े करीब 200 गांवों में इन दिनों बिजली की अनियमित आपूर्ति ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। भीषण गर्मी के बीच निर्धारित रोस्टर के विपरीत बिजली कटौती और बार-बार हो रहे ब्रेकडाउन से करीब ढाई लाख की आबादी प्रभावित है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद आपूर्ति व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं हो रहा है।
ग्रामीणों के मुताबिक दिन और रात में कई बार बिजली गुल होने से घरेलू कामकाज प्रभावित हो रहा है। गर्मी के कारण बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को विशेष परेशानी उठानी पड़ रही है। बिजली आने के बाद भी वोल्टेज में उतार-चढ़ाव की समस्या बनी रहती है, जिससे पंखे, कूलर और पानी की मोटर समेत घरेलू उपकरणों का संचालन प्रभावित हो रहा है।
रातभर बिजली गुल रहने से 50 गांव प्रभावित
मंगलवार रात करीब 12 बजे हुसैनाबाद के पास हाईटेंशन लाइन का जंफर जलने के बाद करीब 50 गांवों की बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। ग्रामीणों का आरोप है कि रात की शिफ्ट में तैनात कर्मचारियों की लापरवाही के चलते फॉल्ट समय पर ठीक नहीं किया गया और कई गांवों में रातभर बिजली नहीं आई।
बताया गया कि अवर अभियंता की फटकार के बाद सुबह जंफर को ठीक कराकर आपूर्ति बहाल की जा सकी। इस दौरान ग्रामीणों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
कौआ फंसने से बहरौली फीडर में ब्रेकडाउन
बुधवार सुबह करीब 7:48 बजे बहरौली फीडर की लाइन में सीपीएल कॉलेज के पास कौआ फंसने से दोबारा ब्रेकडाउन हो गया। कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर कौए को हटाया, लेकिन इसके बाद भी लाइन में फॉल्ट बना रहा। इसके बाद पेट्रोलिंग कर खराबी तलाशने का प्रयास किया गया।
करीब 10:30 बजे बड़ेहा को छोड़कर अन्य गांवों की बिजली आपूर्ति बहाल कर दी गई। अवर अभियंता आशीष कुमार ने बताया कि बड़ेहा क्षेत्र में पेड़ की डाल गिरने के कारण लाइन को सुचारु करने में परेशानी आ रही थी।
लगातार बिजली कटौती के कारण ग्रामीणों के पंखे, कूलर, समर्सिबल और वाटर पंप बंद रहे। इससे पेयजल और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए। ग्रामीणों ने विद्युत विभाग के उच्चाधिकारियों से मांग की है कि फॉल्ट होने की स्थिति में तत्काल पेट्रोलिंग और मरम्मत कराई जाए तथा निर्धारित रोस्टर के अनुसार नियमित बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।
