निगोहां, लखनऊ। करनपुर गांव में कर्ज के लेनदेन के बाद कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर पैतृक मकान पर दावा करने का मामला सामने आया है। पीड़ित राज कुमार ने पड़ोसी महिला और उसके परिजनों पर मकान पर कब्जे का प्रयास, मारपीट और घर खाली करने की धमकी देने का आरोप लगाया है। स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने का आरोप लगाते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर निष्पक्ष जांच और परिवार की सुरक्षा की मांग की है।
राज कुमार के मुताबिक, वर्ष 2024 में बेटे के इलाज के लिए उन्होंने पड़ोस में रहने वाली माधुरी देवी से 30 हजार रुपये उधार लिए थे। इसके बदले उन्होंने अपना खेत सुरक्षा के तौर पर गिरवी रखा था। पीड़ित का दावा है कि वर्ष 2025 में पूरी रकम वापस कर हिसाब चुकता कर दिया गया था।
आरोप है कि रकम वापस करने के बावजूद माधुरी देवी ने एक स्टाम्प पेपर के आधार पर राज कुमार के पैतृक मकान पर अपना दावा जताना शुरू कर दिया। पीड़ित के अनुसार, मकान को लेकर विवाद फिलहाल सिविल कोर्ट में विचाराधीन है। इसके बावजूद विपक्षी पक्ष द्वारा मकान पर कब्जा करने का प्रयास किया जा रहा है।
राज कुमार ने स्थानीय पुलिस की कार्रवाई पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि पुलिस मामले में एकतरफा रवैया अपना रही है और उन पर मकान खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है।
पीड़ित ने बताया कि बीते दो अगस्त को माधुरी देवी, उनके पति रमेश और बेटे सूरज कथित तौर पर उनके घर में घुस आए। विरोध करने पर गाली-गलौज और मारपीट किए जाने का आरोप है। राज कुमार के मुताबिक, उनकी पत्नी ने बीच-बचाव किया तो उनके साथ भी हाथापाई की गई। आरोपियों पर परिवार को घर खाली कर गांव छोड़ने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है।
सुनवाई न होने का आरोप लगाते हुए राज कुमार ने मुख्यमंत्री से मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। उन्होंने कथित जालसाजी, मारपीट और जबरन कब्जे के प्रयास के संबंध में मुकदमा दर्ज कराने तथा अपने पैतृक मकान और परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की गुहार लगाई है।
नोट: मामले में लगाए गए आरोप पीड़ित के शिकायती पत्र और दावों पर आधारित हैं। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और पुलिस/विपक्षी पक्ष का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
