मोहनलालगंज, लखनऊ। राजधानी में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक ने मंगलवार को पुलिस अधिकारियों के साथ ऑनलाइन समीक्षा बैठक की। पुलिस आयुक्त लखनऊ की ओर से 18 अगस्त को प्रस्तावित अपराध गोष्ठी के मद्देनजर आयोजित इस बैठक में अपर पुलिस उपायुक्त दक्षिणी, सभी एसीपी, प्रभारी निरीक्षक, थानाध्यक्ष, चौकी प्रभारी और बीट अधिकारी शामिल हुए।
बैठक के दौरान डीसीपी ने चोरी, लूट और नकबजनी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोकथाम के लिए पुलिस अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने यक्ष एप के माध्यम से अपराधियों का अधिक से अधिक सत्यापन कराने और उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर रखने पर विशेष जोर दिया

डीसीपी ने थाना और चौकी प्रभारियों से कहा कि अपराध से जुड़ी महत्वपूर्ण सूचनाएं बिना देरी किए उच्चाधिकारियों तक पहुंचाई जाएं। उन्होंने अपराध की रोकथाम के साथ-साथ घटनाओं के शीघ्र अनावरण और लंबित मामलों में प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संवेदनशील मामलों में तत्काल कार्रवाई पर जोर
समीक्षा बैठक में सांप्रदायिक सौहार्द और कानून-व्यवस्था से जुड़े संवेदनशील मामलों को लेकर भी पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि किसी भी छोटी सूचना को नजरअंदाज न किया जाए और कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की जाए।
महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा प्राथमिकता
डीसीपी ने मिशन शक्ति के तहत महिलाओं और बालिकाओं की सुरक्षा को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। महिला संबंधी अपराधों की रोकथाम, शिकायतों के त्वरित निस्तारण और पीड़ितों को प्रभावी पुलिस सहायता उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
इसके अलावा साइबर अपराधों के प्रति लोगों को जागरूक करने और साइबर शिकायतों पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए गए।
आईजीआरएस और बीट पुलिसिंग मजबूत करने के निर्देश
बैठक में आईजीआरएस शिकायतों के गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध निस्तारण, बीट स्तर पर सूचनाओं के प्रभावी संकलन और सत्यापन तथा बीट पुलिसिंग को मजबूत करने पर भी चर्चा हुई।
डीसीपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को कानून-व्यवस्था की ड्यूटी को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सतर्कता, अनुशासन और टीम भावना के साथ कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने अपराधियों के सत्यापन, अपराधों की रोकथाम और घटनाओं के शीघ्र खुलासे के लिए लगातार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।
