मोहनलालगंज, लखनऊ। मोहनलालगंज के चर्चित डकैती मामले की पुलिस जांच को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने गंभीरता दिखाई है। अदालत ने विवेचना में सामने आए कुछ अहम बिंदुओं पर पुलिस से स्पष्टीकरण मांगा है और लखनऊ पुलिस कमिश्नर को मामले की अब तक हुई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट के साथ तलब किया है।
यह मामला हेमंत कुमार सोनी और उनके भाई शंकर सोनी की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर से संबंधित है। शिकायत में आरोपियों के खिलाफ डकैती समेत कई गंभीर धाराओं में कार्रवाई की मांग की गई थी। घटना के दौरान मारपीट में चोट लगने की बात सामने आने पर पीड़ितों का मेडिकल परीक्षण भी कराया गया था।
मेडिकल रिपोर्ट को लेकर उठे सवाल
याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में आरोप लगाया गया कि विवेचना के दौरान मेडिकल रिपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज को पर्याप्त महत्व नहीं दिया गया। इसके अलावा मामले में असलहा बरामद होने के बावजूद डकैती से जुड़ी धारा हटाए जाने पर भी सवाल उठाया गया।
सुनवाई के दौरान अदालत के समक्ष मेडिकल परीक्षण और बरामदगी से संबंधित बिंदु रखे गए। कोर्ट ने पुलिस से यह स्पष्ट करने को कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में किस तरह शामिल किया गया और धाराओं में बदलाव के पीछे क्या आधार था।
पुलिस कमिश्नर देंगे जांच की स्थिति
अदालत के आदेश के बाद लखनऊ पुलिस कमिश्नर को मामले की विवेचना की प्रगति और अब तक की गई कार्रवाई का विवरण पेश करना होगा। पुलिस को मेडिकल रिपोर्ट, बरामद असलहे और धाराओं में किए गए बदलाव से जुड़े तथ्यों पर भी स्थिति स्पष्ट करनी होगी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद मामले की जांच एक बार फिर चर्चा में है। अब अगली सुनवाई में पुलिस की ओर से पेश की जाने वाली रिपोर्ट पर नजर रहेगी। अदालत के निर्देश के बाद विवेचना से जुड़े तथ्यों और पुलिस कार्रवाई की न्यायिक स्तर पर समीक्षा होना तय माना जा रहा है।
