नगराम, लखनऊ। क्षेत्र की तीन प्रमुख सड़कों के निर्माण और डामरीकरण की मांग को लेकर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन का धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जारी रहा। धरना स्थल पर आसपास के कई गांवों से पहुंचे किसान और मजदूर मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने जर्जर मार्गों की मरम्मत और निर्माण जल्द शुरू कराने की मांग उठाई।
धरने की जानकारी मिलने पर नगराम थाना प्रभारी अंजनी सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने किसानों से बातचीत करते हुए बताया कि इस मुद्दे पर उनकी उपजिलाधिकारी मोहनलालगंज से वार्ता हुई है। एसडीएम ने पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को शुक्रवार दोपहर 12 बजे तक धरना स्थल पर पहुंचकर किसानों की समस्याएं सुनने और स्थिति देखने के निर्देश दिए हैं।
किसान संगठन के मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह ने कहा कि केवल पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के पहुंचने से समस्या का समाधान नहीं होगा। उन्होंने मांग की कि मौके पर पीडब्ल्यूडी अधिकारियों के साथ विभागीय सर्वेयर, वन विभाग के सर्वेयर, एसडीएम मोहनलालगंज और संबंधित क्षेत्रीय लेखपाल भी मौजूद रहें। किसानों के मुताबिक, सभी विभागों की संयुक्त मौजूदगी में मार्गों का सर्वे होने से निर्माण में आ रही तकनीकी और राजस्व संबंधी अड़चनों को मौके पर ही चिन्हित किया जा सकेगा।
तीन मार्गों के निर्माण की मांग
किसानों की प्रमुख मांगों में कुबहरा से कमलापुर होते हुए विचिलखा माइनर तक सड़क, टिकरा चौराहे से नेवाजखेड़ा खड़ंजा मार्ग तथा देवीखेड़ा पुलिस चौकी के पास से रामबक्सखेड़ा तक सड़क का सर्वे कराकर डामरीकरण कराना शामिल है।
किसानों का कहना है कि इन मार्गों की खराब स्थिति के कारण ग्रामीणों को रोजाना आवागमन में परेशानी होती है। बारिश के दौरान स्थिति और खराब हो जाती है, जिससे किसानों, ग्रामीणों और स्कूली बच्चों को आने-जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है।
धरना दे रहे किसानों ने कहा कि शुक्रवार को संबंधित विभागों के अधिकारियों की मौजूदगी में संयुक्त सर्वे कराया जाना जरूरी है, ताकि सड़क निर्माण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा सके। किसानों ने स्पष्ट किया कि समस्या का स्थायी समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
धरने में मंडल महामंत्री हरिपाल सिंह, केशव राम लोधी, रामकुमार, प्रधान पति सुखलाल, श्रीपाल, रामदास, राजीव कुमार, रामकिशोर, रामकिशुन, ब्रह्मादीन, राजाराम समेत बड़ी संख्या में किसान और मजदूर मौजूद रहे।
