मोहनलालगंज, लखनऊ। किसानों की विभिन्न समस्याओं और क्षेत्र में कथित अनियमितताओं के विरोध में भारतीय किसान यूनियन क्रांति के कार्यकर्ताओं ने मोहनलालगंज थाने में धरना-प्रदर्शन किया। किसान नेताओं ने अवैध कब्जेदारी, अवैध खनन और किसानों के उत्पीड़न से जुड़े मामलों को उठाते हुए प्रशासन से जांच कर कार्रवाई की मांग की।
धरने के दौरान किसान नेताओं ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में कुछ स्थानों पर जमीन पर अवैध कब्जे की शिकायतें सामने आने के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। इसके अलावा अवैध खनन के मामलों की भी निष्पक्ष जांच कराने और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई।

किसान नेताओं ने कहा कि ग्रामीण इलाकों के किसानों को अपनी जमीन और अन्य समस्याओं के समाधान के लिए अधिकारियों के कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मांग की कि किसानों की शिकायतों का निर्धारित समयसीमा में निस्तारण किया जाए। साथ ही किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आने पर जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाए।
प्रदर्शनकारियों ने किसान हित से जुड़े अन्य मुद्दे भी प्रशासन के सामने रखे। उनका कहना था कि अवैध कब्जे और खनन की शिकायतों की निष्पक्ष जांच के साथ किसानों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान होना चाहिए।

किसान नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन आंदोलन को आगे बढ़ाएगा। प्रदर्शन के दौरान किसानों ने प्रशासन से समस्याओं के समाधान और न्याय की मांग की।
भारतीय किसान यूनियन क्रांति के राष्ट्रीय अध्यक्ष ऋषि मिश्रा के निर्देश पर जिला अध्यक्ष अनुरेंद्र कुमार ‘अनु’, जिला सचिव अशोक यादव, प्रदेश संगठन महासचिव जगदीश द्विवेदी, अनुराग त्रिवेदी, सूरज वर्मा समेत बड़ी संख्या में किसान नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
धरने को देखते हुए एसीपी राजेश सिंह, इंस्पेक्टर रामबाबू समेत पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर स्थिति को शांतिपूर्ण बनाए रखने का प्रयास किया।
