लखनऊ, 26 अगस्त। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को आधुनिक और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की ओर से कई स्तरों पर काम किए जाने की बात कही गई है। परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह के मुताबिक, प्रदेश में बसों के आधुनिकीकरण के साथ नए बस अड्डों का निर्माण, सड़क सुरक्षा और यात्रियों की सुरक्षा को लेकर भी कई योजनाएं आगे बढ़ाई जा रही हैं।

5 साल 3 महीने है बसों की औसत आयु

परिवहन मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) के बेड़े में शामिल बसों की औसत आयु करीब 5 साल 3 महीने है। उनके अनुसार, इस आधार पर यूपी के पास देश के सबसे युवा बस बेड़ों में से एक है। इलेक्ट्रिक बसों को बढ़ावा देने के लिए भी सरकार की ओर से बजट स्वीकृत किया गया है।

मंत्री के मुताबिक, हाल में 250 नई इलेक्ट्रिक बसों की खरीद के लिए करीब 400 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई है। इससे सार्वजनिक परिवहन में इलेक्ट्रिक वाहनों की हिस्सेदारी बढ़ने की उम्मीद है।

स्क्रैप पॉलिसी में यूपी पहले स्थान पर

परिवहन विभाग की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए दयाशंकर सिंह ने कहा कि वाहन स्क्रैपिंग नीति के क्रियान्वयन में उत्तर प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। वहीं स्वचालित परीक्षण केंद्र (ATS) स्थापित करने और ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने के मामले में प्रदेश को क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान मिलने की बात कही गई।

सड़क सुरक्षा को मजबूत करने के लिए एआरटीओ (सड़क सुरक्षा) की तैनाती की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। इसके अलावा मोटर व्हीकल इंस्पेक्टर के 352 पदों को मंजूरी मिलने से परिवहन विभाग की निगरानी और कार्यक्षमता का दायरा बढ़ाने की योजना है।

एयरपोर्ट की तर्ज पर विकसित होंगे बस अड्डे

सरकार की योजना प्रदेश के प्रमुख बस अड्डों को आधुनिक सुविधाओं से लैस करने की है। परिवहन मंत्री के अनुसार, करीब 23 बस अड्डों को एयरपोर्ट जैसी सुविधाओं और आधुनिक स्वरूप में विकसित किया जा रहा है।

लखनऊ के गोमती नगर में आधुनिक बस डिपो के निर्माण पर एक हजार करोड़ रुपये से अधिक खर्च होने की बात कही गई है। अमौसी क्षेत्र में करीब 600 करोड़ रुपये और चारबाग रेलवे स्टेशन के पास लगभग 250 करोड़ रुपये की लागत से आधुनिक बस अड्डा विकसित करने की योजना है।

मंत्री ने बताया कि हाल में छह से अधिक नए बस अड्डों के लिए स्वीकृति मिली है। इन परियोजनाओं में करीब 4 हजार करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की संभावना जताई गई है। वहीं 49 बस अड्डों के लिए टेंडर प्रक्रिया जारी होने की जानकारी दी गई।

बसों में GPS और पैनिक बटन की सुविधा

यात्रियों, खासकर महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए परिवहन निगम की बसों में तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू किए जाने की बात कही गई है। निगम की 14 हजार से अधिक बसों में GPS और पैनिक बटन लगाए गए हैं और बसों की ऑनलाइन ट्रैकिंग की जा रही है।

इन बसों को महिला हेल्पलाइन 1090 से भी जोड़ने की व्यवस्था की गई है। सरकार का कहना है कि यात्रा के दौरान किसी महिला यात्री के साथ परेशानी होने पर सूचना मिलने के बाद परिवहन निगम की टीम के साथ पुलिस की मदद भी उपलब्ध कराई जा सकेगी।

परिवहन विभाग के मुताबिक, इन योजनाओं का उद्देश्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को अधिक आधुनिक, सुरक्षित और यात्रियों के लिए सुविधाजनक बनाना है।

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