लखनऊ, 26 अगस्त। समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने राष्ट्रीय महिला समानता दिवस के अवसर पर लखनऊ स्थित पार्टी मुख्यालय में महिलाओं के लिए ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ की घोषणा की। पार्टी ने संकेत दिया है कि इस योजना को 2027 के विधानसभा चुनाव के घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा और सरकार बनने पर इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
अखिलेश यादव के मुताबिक, प्रस्तावित योजना के तहत समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया जाएगा।
छात्राओं को लैपटॉप और साइकिल देने का ऐलान
सपा अध्यक्ष ने छात्राओं के लिए भी कई घोषणाएं कीं। उन्होंने कहा कि इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी करने वाली छात्राओं को लैपटॉप और साइकिल उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही सरकारी बसों में महिलाओं के लिए मुफ्त यात्रा की सुविधा देने की बात कही गई।
अखिलेश यादव ने कहा कि उनकी सरकार बनने पर बंद किए गए करीब 26 हजार प्राथमिक विद्यालयों को दोबारा खोलने की दिशा में काम किया जाएगा। सरकारी स्कूलों में फीस माफ करने और निजी स्कूलों की फीस को आधा करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
इसके अलावा पोषण संबंधी योजनाओं को फिर से शुरू करने, आंगनबाड़ी केंद्रों की स्थिति सुधारने और प्रसूताओं के लिए 102 एंबुलेंस सेवा को दोबारा संचालित करने की बात कही गई।
महिला सुरक्षा को बताया प्राथमिकता
प्रेस कांफ्रेंस में अखिलेश यादव ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा समाजवादी पार्टी की प्राथमिक प्राथमिकताओं में रहेगी। उन्होंने दावा किया कि उनकी सरकार के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए 1090 महिला हेल्पलाइन और डायल-100 जैसी व्यवस्थाएं शुरू की गई थीं।
उन्होंने भाजपा सरकार पर महिला सुरक्षा के मुद्दे को लेकर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं से जुड़े मामलों में न्याय और सुरक्षा को लेकर सरकार को अधिक जवाबदेह होना चाहिए। उन्होंने महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की मांग भी उठाई और कहा कि इसे 2027 के विधानसभा चुनाव से लागू किया जाना चाहिए।
‘नारी शक्ति’ के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता पर जोर
सांसद डिंपल यादव ने योजना के नाम और उसके उद्देश्य की व्याख्या करते हुए कहा कि इसका मकसद महिलाओं को केवल राजनीतिक या सामाजिक स्तर पर नहीं, बल्कि आर्थिक रूप से भी मजबूत करना है।
उन्होंने कहा कि ‘स्त्री’ शब्द का इस्तेमाल इसलिए किया गया है ताकि यह हर उम्र की महिला को शामिल करे। वहीं ‘सम्मान’ को महिलाओं के अधिकार और सामाजिक गरिमा से जोड़ा गया, जबकि ‘समृद्धि’ का उद्देश्य आर्थिक आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देना बताया गया।
डिंपल यादव के अनुसार, योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की योजना है और समय-समय पर इसके प्रभाव एवं परिणामों की समीक्षा कर आवश्यक बदलाव किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि मोबाइल, लैपटॉप, आर्थिक सहायता, शिक्षा और प्रशिक्षण जैसे माध्यमों के जरिए महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम किया जाएगा।
भाजपा पर साधा निशाना
अखिलेश यादव ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि महिलाओं के सम्मान और सशक्तीकरण को केवल नारों तक सीमित नहीं रखा जाना चाहिए। उन्होंने महिला अपराधों से जुड़े विभिन्न मामलों का उल्लेख करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव में ‘स्त्री सम्मान-समृद्धि योजना’ को प्रमुख मुद्दे के तौर पर जनता के बीच लेकर जाएगी। पार्टी का दावा है कि प्रस्तावित योजना के जरिए महिलाओं को आर्थिक सहायता, शिक्षा, सुरक्षा और सार्वजनिक परिवहन में सुविधाएं उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा।
कार्यक्रम में सपा सांसद इकरा हसन चौधरी, प्रिया सरोज, डिंपल यादव समेत पार्टी की महिला पदाधिकारी, विधायक, पूर्व जनप्रतिनिधि और अन्य नेता मौजूद रहे। महिला नेताओं ने योजना को लेकर अपने विचार भी रखे।
